Shalu Exclusive Interview: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में 21 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आईं शालू मिनोचा ने पहली बार कैमरे के सामने अपनी बात रखी है. पुलिस ने शुरुआत में उन्हें हत्या की साजिश का हिस्सा माना था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद उनकी भूमिका सामने नहीं आई. कोर्ट के आदेश के बाद शालू की रिहाई हुई. 'यूपी Tak' से एक्सक्लूसिव बातचीत में शालू ने कहा कि उन्हें अपने पति सुब्रत की कथित साजिश की बिल्कुल जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि अभी भी वह यह स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि सुब्रत ने ऐसा कुछ किया होगा. जेल से बाहर आने के बाद फिलहाल उनकी सबसे बड़ी चिंता अपने चार साल के बच्चे से मिलने की है.
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'मुझे बिल्कुल आइडिया नहीं था'
शालू से जब पूछा गया कि क्या उन्हें कभी अंदाजा हुआ था कि उनके पति सुब्रत किसी ऐसी योजना में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया. शालू ने कहा, "नहीं, मुझे बिल्कुल भी आइडिया नहीं था इस चीज का कि सुब्रत या कोई... मुझे बिल्कुल आइडिया ही नहीं था कि ये सब क्या हुआ है. मेरे लिए तो बिल्कुल शॉकिंग सिचुएशन थी." उन्होंने कहा कि जो कुछ उनके साथ हुआ, उसे समझना और स्वीकार करना अभी भी उनके लिए आसान नहीं है.
हत्या वाले दिन पार्टी में थीं शालू
हत्या वाले दिन के CCTV में शालू और सुब्रत को एक पार्टी में साथ देखा गया था. इस पर शालू ने बताया कि दोनों पार्टी में थे और उन्होंने वहां काफी एंजॉय किया. उन्होंने कहा कि वे पार्टी के होस्ट थे, इसलिए जल्दी पहुंच गए थे. शालू के मुताबिक, उस दौरान उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि कोई योजना बनाई जा रही है. उन्होंने कहा, "मुझे कुछ आइडिया नहीं था किसी चीज का भी."
सुब्रत और पिता के बीच थे मतभेद
शालू ने बताया कि सुब्रत और उनके पिता के बीच मतभेद जरूर थे, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मामला इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच जाएगा. उनके मुताबिक, वह परिवार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती थीं. दुकान में क्या चल रहा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी क्योंकि दुकान से उनका कोई लेन-देन नहीं था. महिलाओं से जुड़े किसी विवाद की बात भी उनके सामने कभी नहीं उठी. शालू ने सुब्रत को सीक्रेटिव स्वभाव का बताया और कहा कि वह अपनी बातें जल्दी शेयर नहीं करते थे.
विशाल को लेकर शालू ने दी सफाई
पूर्व कर्मचारी विशाल को लेकर पूछे गए सवाल पर शालू ने कहा कि वह छोटे-मोटे काम करता था. जन्माष्टमी की तैयारी के दौरान उन्होंने उससे फूल मंगवाए थे. शालू ने कहा कि उस दिन विशाल ने उन्हें फोन किया था, उन्होंने विशाल को फोन नहीं किया था. उनके मुताबिक, बातचीत सिर्फ फूल मंगवाने तक थी और उन्हें किसी साजिश की कोई जानकारी नहीं थी.
गार्ड से सिर्फ स्टाफ को अंदर आने देने की बात
घर में विशाल की एंट्री को लेकर शालू ने कहा कि उन्होंने गार्ड से सिर्फ इतना कहा था कि उनका स्टाफ आ रहा है और उसे अंदर आने दिया जाए. रजिस्टर में एंट्री नहीं करने को कहने के आरोप को उन्होंने पूरी तरह खारिज किया. शालू ने कहा, "बिल्कुल नहीं. ये झूठ है, ये बिल्कुल झूठ है. मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा था कि उसकी एंट्री मत करिएगा." उन्होंने कहा कि किसी के आने पर रजिस्टर में एंट्री होती है.
'अभी रिश्ते के बारे में सोचने की स्थिति में नहीं'
शालू ने कहा कि बिना कुछ किए उन्हें 21 दिन जेल में रहना पड़ा और यह उनके लिए बेहद दुखद रहा. पुलिस के सामने सुब्रत से पूछताछ के दौरान उन्होंने ज्यादा बात नहीं की. उनके मुताबिक, सुब्रत बार-बार कहते रहे कि उन्होंने कुछ नहीं किया है. शालू ने कहा कि अभी भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि सुब्रत ने यह सब किया होगा. पति के साथ भविष्य में रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि वह अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि इस बारे में सोच सकें.
'अभी मुझे सिर्फ अपने बच्चे से मिलना है'
जेल से बाहर आने के बाद शालू की सबसे बड़ी चिंता अपने चार साल के बच्चे से मिलने की है. उन्होंने बताया कि बच्चा फिलहाल उनकी मां और बहन के पास है और उसे पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है. शालू ने कहा कि वह बच्चे को यह सब कभी नहीं बताना चाहेंगी. आगे की जिंदगी को लेकर उन्होंने कहा कि अभी कुछ नहीं सोचा है और खुद को संभालने में उन्हें थोड़ा समय लगेगा. बातचीत के अंत में उन्होंने शिवाकांत दीक्षित का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने उन्हें "जस्टिस दिलाया है." मामले में आगे पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी.
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