मीरजापुर में सरकारी सिस्टम की एक बड़ी लापरवाही पॉइंट ब्लैंक शो के जरिए सामने आई है. माँ विंध्यवासिनी मंदिर को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क के चौड़ीकरण के दौरान अधिकारियों और ठेकेदारों ने ऐसी जल्दबाजी दिखाई कि सड़क के किनारे लगे 20 साल पुराने हैंडपंप को उखाड़े बिना ही उसके चारों ओर सड़क बना दी.नतीजा यह हुआ कि हैंडपंप सड़क के बीचों-बीच आ गया जिससे यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की जान पर बन आई. यूपी Tak की टीम ने जब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे तब जाकर कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जागा और मिस्त्रियों को बुलाकर हैंडपंप हटाने का काम शुरू किया गया.
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माँ विंध्यवासिनी मंदिर मार्ग पर 'मौत का जाल'
यह मामला विंध्याचल का है जहां आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए सड़कों के चौड़ीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. मंदिर से महज 1 किलोमीटर दूर बनी इस नई सड़क पर हैंडपंप को बीच में ही छोड़ दिया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में यह हैंडपंप किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता था. तीन-चार दिनों तक गाड़ियां इस हैंडपंप से बचकर निकलती रहीं. जबकि कई लोग सड़क के बीच खड़े होकर पानी भरते देखे गए.
अधिकारियों की अजीबोगरीब दलील
जब यूपी Tak ने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता से इस लापरवाही पर सवाल किया तो उन्होंने इसे लापरवाही मानने से ही इनकार कर दिया. अधिकारी का कहना था कि वे रात दिन काम करा रहे हैं और उस वक्त 'मिस्त्री' नहीं मिल रहे थे. इसलिए सड़क बना दी गई। उन्होंने दावा किया कि वे यात्रियों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं. हालांकि सवाल यह है कि अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाता तो जिम्मेदारी किसकी होती?
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इलाके के दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि यह सरासर सरकारी धन का दुरुपयोग और लापरवाही है. जब चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ, तभी अधिकारियों को पता था कि हैंडपंप बाधा बनेगा फिर भी उन्होंने बिना सोचे-समझे सड़क बनवा दी. अब सड़क बनने के बाद उसे खोदकर हैंडपंप निकाला जा रहा है जिससे नई बनी सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है.
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