UP News: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल और बयानबाजी तेज हो गई है. सुभासपा (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद टूटने वाले हैं ऐसा दावा किया है. इस दावे को लेकर घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने करारा पलटवार किया है. राजीव राय ने राजभर और उनके बेटे पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें 'बकबकाइटिस' नाम की गंभीर बीमारी हो गई है. इसके साथ ही राय ने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा का पूरी तरह से अंत (द एंड) होने वाला है और सपा यूपी में अपनी मजबूत सरकार बनाने जा रही है.
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'राजभर को बकबकाइटिस की बीमारी'
ओम प्रकाश राजभर के दावों पर पलटवार करते हुए घोसी के सांसद राजीव राय ने उनका जमकर मजाक उड़ाया है. राजीव राय ने कहा है कि, 'तीनों बाप-बेटा को बकबकाइटिस नाम की बीमारी है, जितना बोलेंगे उतना मेरा वोट बढ़ेगा.' उन्होंने राजभर के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि उनका आईडी-पासवर्ड बीजेपी (BJP) के पास है.
'सुभासपा का होगा द एंड'
सांसद राजीव राय ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि राजभर के बेटे को घोसी से ऐतिहासिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. यूपी चुनाव में राजभर की पार्टी की स्थिति को लेकर राय ने स्पष्ट भविष्यवाणी की है कि 2027 के चुनाव में सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) का पूरी तरह से अंत (द एंड) होने जा रहा है. उन्होंने राजभर को चुनौती देते हुए कहा है कि, 'तीन सीटें मिल जाए और एक भी जीत जाए तो बहुत बड़ी बात होगी.' राय ने यहां तक कहा कि अगर राजभर खुद भी चुनाव लड़ेंगे, तो वो उन्हें जीतने नहीं देंगे.
ओवैसी और चंद्रशेखर पर कसा तंज
ओम प्रकाश राजभर के अलावा राजीव राय ने अन्य विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा है. एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सपा को निशाने पर लिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ओवैसी पहले भी कई चुनाव लड़ चुके हैं और उनसे कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है. वहीं, चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात और थर्ड फ्रंट (तीसरे मोर्चे) की सुगबुगाहट पर तंज कसते हुए राजीव राय ने कहा कि, 'चुनाव आता है तो जो सीजनल लोग होते हैं वो एक्टिव हो जाते हैं और चुनाव के बाद हाइबरनेशन में चले जाते हैं.'
'सरकार बनने पर बताएंगे स्ट्रेटजी'
समाजवादी पार्टी की आगामी चुनावी रणनीतियों के बारे में जब राजीव राय से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पत्ते खोलने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने बिना शोर मचाए बीजेपी को हराया था, उसी तरह 2027 में भी वे चुपचाप अपना काम करेंगे. राय ने विश्वास जताते हुए कहा है कि, 'जब मुख्यमंत्री का शपथ ले लेंगे अखिलेश यादव जी, फिर हम आपको बता देंगे स्ट्रेटजी क्या है.' उनका मानना है कि यूपी की जनता जानती है कि उनका सुरक्षित भविष्य किसके हाथों में है.
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