प्रयागराज में अनशन पर बैठे छात्रों को पुलिस ने हटाया, TGT PGT और नई शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा था प्रोटेस्ट

यूपी तक

10 Sep 2026 (अपडेटेड: 10 Sep 2026, 02:17 PM)

Prayagraj Student Protest: प्रयागराज में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्रों को पुलिस ने आधी रात को धरना स्थल से हटा दिया है. पुलिस ने धारा 163 BNS का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है. इस दौरान एक छात्र के घायल होने की भी खबर सामने आई है.

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Prayagraj Student Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 5 सितंबर से नई शिक्षक भर्ती और टीजीटी-पीजीटी में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रों पर पुलिस ने आधी रात को बड़ी कार्रवाई की है. पत्थर गिरजाघर के सामने यह आंदोलन चल रहा है. इस आंदोलन में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया है. जिसके बाद आज आधी रात करीब 1:00 बजे पुलिस भारी फोर्स और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची और धारा 163 बीएनएस (BNS) का हवाला देते हुए सभी छात्रों को धरना स्थल से जबरन हटा दिया है. इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और एक छात्र के घायल होने का वीडियो भी वायरल हो रहा है.

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पुलिस ने देर रात खाली कराया धरना स्थल

प्रयागराज पुलिस ने अनशन कर रहे छात्रों को धरना स्थल से हटाने के लिए सख्त रुख अपनाया है. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि इलाके में धारा 163 लागू है, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोग बिना अनुमति सार्वजनिक जगह पर जमा नहीं हो सकते है. छात्रों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे वहां से नहीं हटेंगे. लेकिन पुलिस ने बल का प्रयोग करके सभी छात्रों को धरने स्थल से हटा दिया है.

छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुख्य विरोध टीजीटी और पीजीटी परीक्षाओं में किए गए नए बदलावों को लेकर है. गाजीपुर और आजमगढ़ जैसे अलग-अलग जिलों से आए छात्रों की मांग है कि चयन प्रक्रिया को पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के तहत ही कराया जाए. छात्रों का आरोप है कि प्रवक्ता के पद के लिए अचानक बीएड (B.Ed) की डिग्री अनिवार्य कर दी गई है, जबकि इसे रातों-रात हासिल नहीं किया जा सकता. इसके अलावा छात्र टेट (TET), सीटेट (CTET), और जीके-जीएस (GK-GS) लागू करने का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं और परीक्षाओं को बिना किसी धांधली और पेपर लीक के पारदर्शी तरीके से कराने की मांग कर रहे हैं.

एक छात्र के घायल होने का दावा

धरना स्थल से छात्रों को हटाने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक छात्र को गंभीर चोट लगने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ छात्र आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस की पिटाई के कारण एक छात्र बुरी तरह से घायल हो गया है, जबकि कुछ का कहना है कि वह कूदने की वजह से घायल हुआ. वीडियो में घायल छात्र को अस्पताल ले जाने की बात कही जा रही है. पुलिस की इस आधी रात की कार्रवाई के बाद अब यह देखना अहम होगा कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित ये छात्र आगे क्या कदम उठाते हैं.