अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी मायावती ने नहीं बदला अपना फैसला, बसपा में आकाश आनंद के लिए अब कोई जगह नहीं!

यूपी तक

• 01:55 PM • 10 Sep 2026

Mayawati Big Decision: बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है. अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने उनकी नीयत पर सवाल उठाते हुए आकाश को भी फटकार लगाई है.

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Mayawati Big Decision: बहुजन समाज पार्टी में जारी सियासी उठापटक के बीच मायावती ने एक और बड़ा फैसला लिया है. भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद, अब मायावती ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट कर अपना रुख साफ कर दिया है. मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के संन्यास को 'देर आए दुरुस्त आए' तो बताया है, लेकिन उनकी नीयत पर भी सवाल खड़े किए है. पोस्ट में मायावती ने आकाश आनंद को भी फटकार लगाई है. उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है, जिससे आकाश की राजनीति में वापसी का रास्ता फिलहाल पूरी तरह से बंद हो गया है. 

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अशोक सिद्धार्थ की नीयत पर उठाए सवाल

मायावती ने अपने 10 पॉइंट वाले पोस्ट में कहा है कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास लेने का फैसला पहले ही ले लिया होता, तो बीएसपी, बहुजन मूवमेंट और उनके दामाद आकाश आनंद को विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता. मायावती ने कहा कि अगर सिद्धार्थ को आकाश के भविष्य और बहुजन मूवमेंट की सच में चिंता होती, तो वे बिना देरी किए फौरन संन्यास की घोषणा कर देते. ऐसा न करना यह साबित करता है कि सिद्धार्थ की नीयत में अभी भी खोट और अभिलाषा बरकरार है.

आकाश आनंद को पार्टी से किया फ्री

मायावती ने आकाश आनंद पर भी गंभीर सवाल खड़े किए है. उन्होंने कहा है कि आकाश को भी अपने करियर से ज्यादा अपने ससुर से लगाव है. मायावती ने लिखा कि आकाश को पार्टी और मूवमेंट के वास्तविक हित की कम और रिश्तों की ज्यादा परवाह है. मायावती ने सवाल उठाया कि डबल माइंड होकर आकाश पार्टी का भला कैसे कर सकते हैं? इसी के चलते, मायावती ने आकाश आनंद को 3 सितंबर को दी गई सभी जिम्मेदारियों के साथ-साथ अब पार्टी से भी पूरी तरह से फ्री कर दिया है.

क्या खत्म हुआ आकाश का राजनीतिक अध्याय?

इससे पहले मार्च 2025 में भी मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद को लेकर बड़ा फैसला लिया था, जब उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था. हालांकि, कुछ महीने बाद दोनों की वापसी हुई थी. लेकिन अब फिर से मायावती ने आकाश आनंद को किनारे कर दिया है. अशोक सिद्धार्थ पेशे से डॉक्टर हैं और उनकी बेटी प्रज्ञा की शादी आकाश आनंद से हुई है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा चुनाव से पहले क्या आकाश आनंद का बीएसपी के साथ राजनीतिक अध्याय सचमुच खत्म हो गया है, या भविष्य में कोई नया मोड़ आएगा.