उत्तर प्रदेश के कानपुर में रिश्तों और मर्यादा को तार-तार करने वाली एक घटना सामने आई है. एक रसूखदार परिवार की बहू ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसे घर के मंदिर में आधी रात को होने वाली तंत्र-पूजा में बिना कपड़ों के बैठने के लिए मजबूर किया गया. पीड़िता का दावा है कि इस अमानवीय कृत्य का विरोध करने पर उसे न केवल शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई.
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वीडियो कॉल पर तांत्रिक देता था न्यूड पूजा के निर्देश
पीड़िता के अनुसार, उसके ससुराल में अंधविश्वास का ऐसा जाल बुना गया था कि आधी रात को तांत्रिकों के इशारे पर खौफनाक अनुष्ठान होते थे. चौंकाने वाली बात यह है कि तांत्रिक वीडियो कॉल के माध्यम से निर्देश देता था और बहू को आदेश दिया जाता था कि वह 'निर्वस्त्र' होकर पूजा में शामिल हो. जब भी उसने इस घिनौनी मांग को ठुकराया, उसके साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
पूर्व प्रधानमंत्री से 'करीबी' का रौब और पति की बेरुखी
पीड़िता ने बताया कि उसका ससुराल पक्ष खुद को एक पूर्व प्रधानमंत्री का बेहद करीबी बताता है. इसी रसूख का डर दिखाकर बहू को चुप रहने और पुलिस के पास न जाने का दबाव बनाया गया. पीड़िता ने जब मदद के लिए अपने पति की ओर देखा, तो उसने भी हाथ खड़े कर दिए और अपनी पत्नी के बजाय परिवार के इस काले खेल का साथ दिया. शादी में पिता द्वारा करोड़ों खर्च करने के बावजूद, ससुराल वाले लगातार अतिरिक्त दहेज के लिए भी उसे प्रताड़ित कर रहे थे.
विफल रहा पुलिस का मीडिएशन प्रयास
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच मीडिएशन (सुलह) कराने की कई बार कोशिश की, लेकिन आरोपों की संगीनता और ससुराल पक्ष के अड़ियल रवैये के कारण कोई समाधान नहीं निकला. पीड़िता का आरोप है कि अब उसका परिवार रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस जांच को प्रभावित करने और मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है.
अंधविश्वास की बलि नहीं चढ़ूंगी
पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए अब कानून का दरवाजा खटखटाया है. उसने बताया कि जब भी वह इन तांत्रिक क्रियाओं का हिस्सा बनने से मना करती, उसे मायके भेज दिया जाता या कमरे में बंद कर दिया जाता. फिलहाल, पुलिस इस मामले में तांत्रिक के कनेक्शन और परिवार के दावों की जांच कर रही है. यह मामला न केवल एक महिला की अस्मिता से जुड़ा है, बल्कि समाज में रसूख के नाम पर चल रहे शोषण की पराकाष्ठा है.
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