सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए मर्डर केस में बड़ा खुलासा, मुजफ्फरनगर से दबोचा गया आरोपी राजकुमार सिंह

Suvendu Adhikari PA murder case: पश्चिम बंगाल के चर्चित शुभेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. सीबीआई और मुजफ्फरनगर पुलिस ने बलिया निवासी आरोपी राजकुमार सिंह को छपार टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है. आरोपी हरिद्वार भागने की फिराक में था.

यूपी तक

19 May 2026 (अपडेटेड: 19 May 2026, 04:26 PM)

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Suvendu Adhikari PA murder case: पश्चिम बंगाल के चर्चित शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में एक और आरोपी को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. आरोपी को सीबीआई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उस समय दबोचा, जब वह कथित तौर पर हरिद्वार भागकर छिपने की तैयारी में था. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में एक और बड़ा यूपी कनेक्शन सामने आया है.

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छपार टोल प्लाजा से हुई गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 स्थित छपार टोल प्लाजा के पास सीबीआई और मुजफ्फरनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी हरिद्वार की ओर भागने की कोशिश कर रहा है. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके से पकड़ लिया.

इस पूरे ऑपरेशन में दिल्ली सीबीआई ब्रांच और छपार थाना पुलिस की अहम भूमिका रही. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुजफ्फरनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर उसे सीबीआई के हवाले कर दिया. इसके बाद जांच एजेंसी आरोपी को अपने साथ लेकर रवाना हो गई.

आरोपी के परिवार ने क्या कहा?

गिरफ्तारी के बाद आरोपी राजकुमार सिंह के परिवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. आरोपी के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि उनका बेटा करीब तीन दिन पहले घर से निकला था, लेकिन उसने यह नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है.

पिता के मुताबिक, मंगलवार सुबह अचानक सीबीआई की ओर से फोन आया और बताया गया कि उनके बेटे को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि राजकुमार उनसे कम बातचीत करता था और उनसे डरता भी था. परिवार का कहना है कि राजकुमार पासपोर्ट और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) बनवाने की प्रक्रिया में लगा हुआ था ताकि वह बाहर काम के लिए जा सके.

पिता ने यह भी दावा किया कि साल 2022 में गांव में हुए एक विवाद के दौरान हरिजन एक्ट और मारपीट के मामले में कई लोगों के साथ उनके बेटे का नाम भी दर्ज कर दिया गया था. उनके अनुसार, उसी मुकदमे की वजह से PCC बनने में दिक्कत आ रही थी.

फरीदाबाद में रह रहा था आरोपी, हरिद्वार भागने की थी तैयारी

मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि राजकुमार सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था. पूछताछ में सामने आया कि वह फरीदाबाद में रह रहा था और अब हरिद्वार जाकर छिपने की कोशिश कर रहा था.

पुलिस के अनुसार, आरोपी की उम्र करीब 32 से 35 साल के बीच बताई जा रही है. उसे इंटरसेप्ट कर बीच रास्ते में गिरफ्तार किया गया. फिलहाल सीबीआई उससे गहन पूछताछ कर रही है.

क्या है पूरा शुभेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड?

दरअसल, इसी साल 6 मई की रात पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की कार को पहले एक फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ी ने रोका. इसके बाद चार बाइकों पर सवार करीब आठ हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.

हमला इतना अचानक और योजनाबद्ध था कि चंद्रनाथ रथ को संभलने का मौका तक नहीं मिला. वारदात को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद पूरे पश्चिम बंगाल में सनसनी फैल गई.

जांच में यूपी-बिहार कनेक्शन, अब तक चार गिरफ्तार

हत्या की जांच के दौरान सीआईडी और सीबीआई को शक हुआ कि इस वारदात में उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ शूटर शामिल हो सकते हैं. इसके बाद कई राज्यों में छापेमारी शुरू की गई. अब तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इससे पहले 11 मई को तीन आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें 13 दिन की कस्टडी में भेज दिया था.

24 मई को अगली सुनवाई

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की अगली सुनवाई 24 मई को होनी है. फिलहाल सीबीआई आरोपी राजकुमार सिंह से पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस हत्या की साजिश किसने रची और क्या इस केस में और भी लोगों की गिरफ्तारी होगी.

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