हाल ही में मेरठ की प्रणिता के तलाक के बाद मायके में हुए जश्न के वीडियो ने सुर्खियां बटोरी थीं. अब प्रणिता के ससुर रिटायर्ड सूबेदार मेजर श्याम किशोर अग्निहोत्री और सास अनीता अग्निहोत्री ने कैमरे के सामने आकर अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि जिस रिश्ते को उन्होंने बचाने की हर संभव कोशिश की, उसके टूटने के बाद अब उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है.
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'दहेज नहीं लिया, फिर भी झूठे मुकदमों में घसीटा'
श्याम किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि उनके बेटे सेना में अधिकारी हैं. बेटे की शादी 2018 में बिना किसी दहेज के हुई थी. उनका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही छोटी-छोटी बातों पर क्लेश शुरू हो गया. उन्होंने दावा किया कि बहू की मां ने उन पर दहेज और मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था, ताकि पूरे परिवार को जेल भेजा जा सके. उन्होंने कहा, "हम फौजी परिवार हैं, अनुशासन में रहने वाले लोग हैं, लेकिन इन आरोपों ने हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला दिया है."
पोते के मोह में पिता को बेटे से किया अलग
ससुर का एक गंभीर आरोप यह भी है कि बहू के मायके वालों का बेटा 2022 में शांत हो गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पोते में ही अपना बेटा देखना शुरू कर दिया. आरोप है कि इसी वजह से उन्होंने साजिशन उनके बेटे (बच्चे के पिता) को बच्चे से अलग कर दिया. मुंडन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी दादा-दादी को शामिल नहीं होने दिया गया. श्याम किशोर ने कहा कि समझौते के तहत तय हुआ था कि कोई सार्वजनिक बयान नहीं देगा, लेकिन मायके पक्ष ने वीडियो वायरल कर समझौते का उल्लंघन किया है.
'ऑपरेशन में सेवा की, तीन बार जेवर दिए'
भावुक होते हुए सास अनीता अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी अपनी कोई बेटी नहीं है, इसलिए उन्होंने बहू को ही बेटी माना था. उन्होंने बताया, "जब बहू के पैर का ऑपरेशन हुआ, तो मैंने डेढ़ महीने लखनऊ कमांड हॉस्पिटल में रहकर उसकी सेवा की. अपने बीमार बेटे को छोड़कर मैं उसकी डिलीवरी के वक्त जालंधर गई और एक महीने तक उसकी देखभाल की." उनका दावा है कि उन्होंने तीन-तीन बार बहू को जेवर बनवाकर दिए और कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने दी, लेकिन बदले में उन्हें केवल बदनामी और प्रताड़ना मिली.
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