एटा सदर विधानसभा सीट 2027: क्या लोधी और सवर्ण वोट बैंक बीजेपी को देगा झटका?

Etah Sadar Assembly Constituency 2027: एटा सदर विधानसभा में क्या बीजेपी लगा पाएगी जीत की हैट्रिक? लोधी और सवर्णों की नाराजगी और सपा का PDA फार्मूला कैसे बदलेंगे समीकरण? देखिए विस्तृत चुनावी रिपोर्ट.

रजत सिंह

• 12:03 PM • 14 Mar 2026

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एटा सदर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की उन महत्वपूर्ण सीटों में से है जहां आगामी 2027 के चुनावों के लिए समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. यह इलाका दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गढ़ रहा है, लेकिन लोकसभा चुनावों में बीजेपी की हार ने यहां के राजनैतिक परिदृश्य को गरमा दिया है. एटा सदर सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. विपिन कुमार डेविड यहाँ से लगातार दो बार (2017 और 2022) विधायक चुने गए हैं. 2002 से अब तक के रिकॉर्ड को देखें तो सपा और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर रही है. 2012 में यहाँ से सपा के आशीष कुमार यादव जीते थे. 

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लोकसभा चुनाव 2024 में कल्याण सिंह के बेटे राजू भैया की हार ने बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.

एटा सदर का जातीय समीकरण

इस सीट पर जीत-हार काफी हद तक जातीय गणित पर टिकी होती है:

यादव: 65,000 (सबसे बड़ा वोट बैंक)

वैश्य: 45,000

दलित: 45,000

लोधी: 35,000 (महत्वपूर्ण क्योंकि यह बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक रहा है)

क्षत्रिय: 20,000

ब्राह्मण: 3,000

बीजेपी के लिए चुनौतियां

लोध वोट बैंक की नाराजगी: कल्याण सिंह के निधन और उमा भारती जैसे नेताओं को हाशिए पर रखे जाने की वजह से लोधी समुदाय में नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है, जिसका असर चुनावों पर पड़ सकता है. स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, केंद्र सरकार के यूजीसी से जुड़े नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज (ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय) में अंदरूनी नाराजगी है, जो पारंपरिक रूप से बीजेपी का समर्थन करता रहा है. 

सपा की रणनीति

समाजवादी पार्टी का मानना है कि पिछली बार वे अति-आत्मविश्वास के कारण हारे थे. इस बार सपा PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले और यूजीसी के मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रही है. पार्टी सर्वे के आधार पर टिकट बांटने की तैयारी में है. 

विकास बनाम कानून-व्यवस्था

बीजेपी विधायक विपिन कुमार डेविड को योगी सरकार के लॉ एंड ऑर्डर और प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के विजन पर पूरा भरोसा है. उनका मानना है कि जनता विकास के कार्यों को देखकर तीसरी बार भी उन्हें ही चुनेगी.