Kanshi Ram Death Anniversary: बहुजन समाज के बड़े नेता कांशीराम की पुण्यतिथि पर आज उन्हें याद किया जा रहा है. उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में लगा दिया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. वहीं, उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए बहुजन समाज पार्टी ने भी लखनऊ में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया है.
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सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांशीराम को याद करते हुए उनके सामाजिक न्याय और समानता के कामों का सम्मान किया. उन्होंने कहा कि कांशीराम के विचार आज भी समाज को ताकत देते हैं. दूसरी तरफ, लखनऊ में बसपा की तरफ से बड़े कार्यक्रम रखे गए, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ता शामिल हुए. इस आयोजन का मुख्य मकसद कांशीराम के विचारों और उनकी राजनीतिक विरासत को हमेशा जिंदा रखना है.
1984 में बनाई बहुजन समाज पार्टी
कांशीराम का सफर एक सामाजिक आंदोलन से शुरू हुआ था. इसके बाद उन्होंने साल 1984 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की. इस पार्टी को खासतौर पर दलितों और पिछड़े वर्गों को राजनीति में एकजुट करने के लिए बनाया गया था. उनका पक्का विश्वास था कि समाज के इस बड़े हिस्से को सत्ता में पूरी जगह मिलनी चाहिए. उन्होंने अपना पहला चुनाव छत्तीसगढ़ से लड़ा था, जहां शुरुआत में उन्हें हार मिली, लेकिन उन्होंने अपना काम लगातार जारी रखा.
यूपी की राजनीति को नई दिशा
कांशीराम की लगातार मेहनत से उत्तर प्रदेश में पार्टी बहुत मजबूत हुई और राज्य की राजनीति को एक नई दिशा मिली. दलितों और पिछड़ों को राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन भी किया. साल 1991 में कांशीराम ने इटावा से लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी बड़ी राजनीतिक पहचान बनाई और बाद में पंजाब से भी चुनाव जीते. उन्होंने मायावती को अपना उत्तराधिकारी बनाया. आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार समाज में न्याय और समानता की बड़ी ताकत बने हुए हैं.
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