समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों एक बुजुर्ग के घर गुझिया खाने को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. इटावा के सैफई में होली मनाने के बाद जब वे लखनऊ लौट रहे थे, तब उन्होंने अचानक अपनी गाड़ी रुकवाई और एक पुराने परिचित के घर पहुंच गए.
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कौन हैं ये बुजुर्ग?
इन बुजुर्ग का नाम हाकिम सिंह यादव है, जिनकी उम्र करीब 95 साल है. वे इटावा के बगोया गांव के निवासी हैं और स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव (नेताजी) के बचपन के जिगरी दोस्त रहे हैं. हाकिम सिंह और मुलायम सिंह ने साथ में हाईस्कूल की पढ़ाई की थी और बचपन में साथ-साथ स्कूल जाते थे.
नेताजी के साथ राजनीति और त्याग
हाकिम सिंह 1957 में चकबंदी विभाग में नौकरी कर रहे थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव के साथ राजनीति में आने के लिए उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. वे 1967 से नेताजी के साथ सक्रिय राजनीति में रहे और तब से लेकर आज तक समाजवादी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता बने हुए हैं.
अखिलेश यादव की अचानक मुलाकात
अखिलेश यादव जब वहां से गुजर रहे थे, तो उन्होंने हाकिम सिंह को दरवाजे पर खड़े देखा. उन्होंने तुरंत गाड़ी रुकवाई और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. अखिलेश यादव ने उनके घर पर करीब 40 मिनट का समय बिताया, जहाँ उन्होंने गुझिया खाई, दूध पिया और पुरानी यादें साझा कीं. हाकिम सिंह ने अखिलेश को बचपन में अपनी गोद में खिलाया था, इसलिए उनका अखिलेश से बहुत गहरा भावनात्मक जुड़ाव है.
2027 के लिए दुआ
हाकिम सिंह ने अखिलेश यादव की कामयाबी के लिए दुआ मांगी और विश्वास जताया कि वे 2027 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे.
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