यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की कट-ऑफ हाई जाएगी या लो?... 6 शिफ्ट के पेपर के बाद विवेक सर का बड़ा दावा

UP Police Constable Bharti: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के 8, 9 और 10 जून को आयोजित छह शिफ्टों के बाद अब कट-ऑफ को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अब जानिए प्रसिद्ध शिक्षक विवेक सर का इसपर क्या कहना है?

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UP Police Constable Bharti: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न होने के बाद अब सभी उम्मीदवारों की नजरें कट-ऑफ पर टिकी हैं. हाल ही में 8, 9 और 10 जून को कुल छह शिफ्टों में आयोजित हुई इस परीक्षा के स्तर और संभावित कट-ऑफ को लेकर प्रसिद्ध शिक्षक विवेक सर ने बड़ा दावा किया है. उनके अनुसार, इस बार परीक्षा की कट-ऑफ काफी हाई रहने वाली है.

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कैसा रहा 6 शिफ्टों के पेपर का लेवल?

परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के स्तर का विश्लेषण करते हुए विवेक सर ने बताया कि एग्जाम में कुल 150 प्रश्न आते हैं, जिनमें चार विषय शामिल हैं. हिंदी के 37 प्रश्न, जीके के 38 प्रश्न, रीजनिंग के 37 प्रश्न और मैथ्स के 38 प्रश्न पूछे जाते हैं. सभी विषयों का वेटेज लगभग बराबर होता है. 

हाल ही में भर्ती बोर्ड द्वारा कराए गए अन्य पेपरों (जैसे मार्च में यूपीएसआई और अप्रैल में यूपी होमगार्ड) से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के पेपर में सिलेबस से बहुत डीप और अनर्गल प्रश्न पूछे गए थे. लेकिन इस बार कांस्टेबल भर्ती का पेपर 'इजी टू मॉडरेट' (सरल से मध्यम) रहा है. 

हिंदी, जीके और मैथ्स में उम्मीदवार बहुत अच्छा अटेम्प्ट कर सकते हैं. रीजनिंग में मैथ्स का पोर्शन शामिल होने के कारण 45 से ज्यादा प्रश्न होते हैं, जिसमें बाकी के मुकाबले थोड़ा कम अटेम्प्ट हो पाता है. हालांकि, पिछले जितने भी यूपी कांस्टेबल के पेपर हुए हैं, उनके हिसाब से इस बार का लेवल नॉर्मल रहा है. 

क्यों हाई जाएगी कट-ऑफ? विवेक सर ने बताए ये मुख्य कारण

यूपीएसआई परीक्षा के बाद जिस तरह कट-ऑफ हाई गई थी, उसी तरह इस सिपाही भर्ती में भी कट-ऑफ ऊंची जाने के पीछे विवेक सर ने कुछ आंकड़े सामने रखे हैं:

सीमित वैकेंसी: इस बार भर्ती में कुल 32,000 वैकेंसी (पद) हैं. 

लाखों की संख्या में उम्मीदवार: इस परीक्षा के लिए करीब 29 लाख बच्चों का एडमिट कार्ड जारी हुआ था. 

75 से 80% अटेंडेंस की उम्मीद: विवेक सर के विचार में परीक्षा के दौरान छात्रों की उपस्थिति (अटेंडेंस) 75 से 80 फीसदी तक रहेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि कुछ नहीं तो कम से कम 23 से 24 लाख या 24-25 लाख बच्चे परीक्षा में बैठ रहे हैं. 

32,000 वैकेंसी के मुकाबले परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की यह संख्या बहुत ज्यादा है. आवेदकों की भारी तादाद और नॉर्मल पेपर लेवल को देखते हुए विवेक सर का साफ कहना है कि इसकी कट-ऑफ अच्छी यानी काफी हाई जाएगी.

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