UP News: औरेया जिले के अजीतमल में राकेश यादव रहते हैं. उनकी उम्र 65 साल है. राकेश यादव ने शादी नहीं की. अब उन्होंने ऐसा कदम उठाया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. राकेश यादव आज यानी 30 मार्च के दिन अपनी तेरहवीं आयोजित कर रहे हैं. आज उनका तेरहवीं संस्कार किया जा रहा है. जीते-जी खुद का तेरहवीं संस्कार करवाने वाले राकेश यादव ने बाकायदा 1900 लोगों को तेरहवीं प्रसाद के लिए न्योता भी दिया है.
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दर्दनाक कहानी है इनकी
राकेश यादव अजीतमल के लक्ष्मणपुर गांव में रहते हैं. इनके पिता का नाम हरवंश यादव था. राकेश के 2 भाई और थे. मगर दोनों की मौत हो गई. एक भाई बीमारी की वजह से दुनिया से चला गया तो दूसरे भाई की हत्या कर दी गई. राकेश ने शादी भी नहीं की थी. ऐसे में वह अब अकेले पड़ गए.
सब कुछ दान कर दिया
राकेश यादव काफी धार्मिक हैं. उन्होंने अपना मकान भी दान कर दिया और खुद एक झोपड़ी में जिंदगी गुजारने लगे. वह नवरात्रि में हर दिन उपवास भी रखते हैं. मगर इस उम्र में अकेलापन उन्हें खाने लगा. उन्हें चिंता होने लगी कि उनकी मौत के बाद उनकी अंतिम क्रिया या उनका श्राद्ध कौन करेगा? इसी वजह से राकेश यादव ने अपनी जीते-जी अपनी तेरहवीं आयोजित की और अपना संस्कार करवाया. राकेश यादव की ये कहानी खूब चर्चाओं में बनी हुई है.
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