गंगा एक्सप्रेसवे के जिस 3.5 किमी लंबी पट्टी पर उतरने जा रहे फाइटर जेट वहां ये क्या-क्या दिखा! 

कुमार अभिषेक

02 May 2025 (अपडेटेड: 02 May 2025, 01:11 PM)

Ganga Expressway Airstrip IAF Rafale Trial: शाहजहांपुर के गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना ने राफेल, मिराज, सुखोई जैसे फाइटर जेट्स के ट्रायल की शुरुआत की है. जानिए क्यों यह ट्रायल रणनीतिक रूप से बेहद अहम है.

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Ganga Expressway Airstrip IAF Rafale Trial: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर आज भारतीय वायुसेना अपनी ताकत का अहम ट्रायल करने जा रही है. शाहजहांपुर जिले में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयर स्ट्रिप पर आज राफेल, मिग-29, सुखोई, मिराज, जगुआर जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की लैंडिंग और टेकऑफ की रिहर्सल होनी है. इस खास आयोजन के जरिए यह परखा जाएगा कि अगर युद्ध जैसी आपात स्थिति बने, तो इस एक्सप्रेसवे की पट्टी को वैकल्पिक हवाई अड्डे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं. 

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शुक्रवार को होने जा रही इस एयर ड्रिल के लिए भारतीय वायुसेना ने शाहजहांपुर के इस हिस्से को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है. मौके पर भारी सुरक्षा व्यवस्था है और 250 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं. एयर स्ट्रिप का 85% काम पूरा हो चुका है, लेकिन वायुसेना इसे पहली बार रनवे के तौर पर परखेगी.

स्ट्रैटिजिक लोकेशन बेहद खास

रक्षा दृष्टिकोण से यह इलाका बेहद अहम है क्योंकि यह नेपाल की सीमा के पास है और नेपाल से जुड़ी चीन की सीमा भी है. इस वजह से इलाके की स्ट्रैटिजिक लोकेशन अहम हो जाती है. यही वजह है कि यहां डे और नाइट दोनों तरह की लैंडिंग की सुविधा विकसित की गई है.

वायुसेना के ये फाइटर जेट्स आज ट्रायल में दिखेंगे

वायुसेना जिन विमानों को आज ट्रायल के लिए उतारने वाली है उनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर जैसे फाइटर जेट के अलावा C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान और MI-17 हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं. ये सभी एयरक्राफ्ट युद्ध, राहत, रेस्क्यू और स्पेशल ऑपरेशन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भी इस तरह के युद्धाभ्यास हो चुके हैं. लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे पर यह पहली बार हो रहा है, और वह भी दिन और रात दोनों सत्रों में. दिन में फ्लाईपास्ट, टेकऑफ और लैंडिंग के बाद रात 7 बजे से 10 बजे तक नाइट ऑपरेशन का अभ्यास किया जाएगा. पहलगाम हमले के बाद जिस तरह देशभर में सुरक्षा और जवाबी तैयारियों को धार दी जा रही है, उसी कड़ी में गंगा एक्सप्रेसवे पर यह परीक्षण भी भारत की रणनीतिक सैन्य तैयारियों का नया उदाहरण बनेगा.

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