UP में बेटियों को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक सरकार देती है ₹25000, जानें कैसे मिलेगा 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' का लाभ?

यूपी तक

22 Oct 2026 (अपडेटेड: 22 Oct 2026, 12:50 PM)

Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत 6 चरणों में आर्थिक मदद देती है. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2019 से लागू इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर टीकाकरण और उच्च शिक्षा तक आर्थिक मदद दी जाती है.

Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana

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Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत 6 चरणों में धनराशि देती है. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2019 से लागू इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा और टीकाकरण जैसे हर अहम पड़ाव पर आर्थिक मदद दी जाती है. अब सरकार ने इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर अब 25,000 रुपये कर दिया है. 

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योजना के छह महत्वपूर्ण चरण

इस योजना का लाभ बेटी की पढ़ाई और सेहत के हिसाब से 6 किस्तों में दिया जाता है.

पहला चरण: 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्म लेने वाली नवजात बच्चियों को 5000 रुपये की एकमुश्त मदद.

दूसरा चरण: 1 अप्रैल 2018 या उसके बाद जन्मी वह बच्चियां जिनका एक साल के भीतर पूरा टीकाकरण हो चुका है, उन्हें 2000 रुपये दिए जाएंगे.

तीसरा चरण: चालू शैक्षणिक सत्र में पहली कक्षा में दाखिला लेने वाली बच्चियों को 3000 रुपये मिलेंगे.

चौथा चरण: छठी कक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को 3000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जाएगी.

पांचवां चरण: नवीं कक्षा में दाखिला लेने वाली लड़कियों को 5000 रुपये का लाभ मिलेगा.

छठा चरण: 10वीं या 12वीं कक्षा पास करने के बाद ग्रेजुएशन या कम से कम दो साल के डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने वाली बेटियों को 7000 रुपये दिए जाएंगे.

योजना का लाभ किसे मिलेगा?

  • परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए. इसके लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली या टेलीफोन बिल जैसा कोई निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है.
  • योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
  • एक परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे होने चाहिए, जिसमें अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा.
  • अगर दूसरी डिलीवरी के दौरान जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं, तो तीसरी बेटी भी इस योजना के लिए पात्र मानी जाएगी.
  • अनाथ बच्ची को गोद लेने की स्थिति में, अपनी सगी और गोद ली गई दोनों बच्चियों को मिलाकर अधिकतम दो को ही इसका लाभ मिलेगा.

योजना में कैसे करें आवेदन?

इस योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in पर जाना होगा. वेबसाइट के 'सिटीजन सर्विसेज' सेक्शन में जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इसके अलावा इसी पोर्टल पर आप यह भी आसानी से चेक कर सकते हैं कि आपकी बेटी योजना के लिए पात्र है या नहीं.

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