लखनऊ-नोएडा के बाद अब यूपी के इस शहर में दौड़ेगी मेट्रो, 12000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर ताजा अपडेट

यूपी तक

• 03:05 PM • 22 Oct 2026

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी अब फुल मेट्रो रेल नेटवर्क बनाने की तैयारी है. करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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यूपी के नोएडा, लखनऊ और आगरा में पहले से ही मेट्रो दौड़ रही है. मेरठ में तो पूरी भारत की सबसे तेज चलने वाली मेट्रो है, जिसके चलने से मेरठ से दिल्ली-नोएडा आना काफी सहूलियक भरा हो गया है. अब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फुल मेट्रो रेल नेटवर्क बनाने की योजना है. 

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शहर में करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो चलाने के लिए नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है. रेलवे की तकनीकी सलाहकार कंपनी राइट्स (RITES) ने रिपोर्ट उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) को सौंप दी है. अब परियोजना को राज्य सरकार से मंजूरी दिलाने की तैयारी है.

हालांकि, अभी मेट्रो निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी. इसके साथ ही परियोजना के लिए फंडिंग की व्यवस्था भी तय करनी होगी.

प्रयागराज में कहां-कहां से गुजरेगी मेट्रो?

नई डीपीआर में प्रयागराज के लिए पहले प्रस्तावित दो कॉरिडोर बरकरार रखे गए हैं. पहला कॉरिडोर शांतिपुरम से नैनी के छिवकी तक प्रस्तावित है. दूसरा कॉरिडोर झूंसी को एयरपोर्ट और प्रस्तावित एयरोसिटी क्षेत्र से जोड़ेगा.

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष ऋषिराज इस परियोजना के नोडल अधिकारी हैं. उनके मुताबिक, नई योजना में झूंसी से बमरौली तक प्रस्तावित रूट को बढ़ाकर एयरपोर्ट तक किया गया है.

इसके अलावा, दोनों प्रस्तावित मेट्रो रूट के जंक्शन पर परेड में रोपवे स्टेशन को भी योजना में शामिल किया गया है. इससे मेट्रो और रोपवे नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी की योजना को जगह मिली है.

पहले मेट्रोलाइट चलाने की थी योजना

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज में मेट्रो परियोजना को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई बदलाव हुए हैं. शुरुआत में शहर के लिए फुल मेट्रो रेल नेटवर्क की DPR तैयार की गई थी. इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर राइट्स ने मेट्रोलाइट सिस्टम की रिपोर्ट बनाई थी.

मेट्रोलाइट में सामान्य मेट्रो की तुलना में छोटे स्टेशन और हल्का इंफ्रास्ट्रक्चर रखने की योजना थी. बाद में UPMRC के सुझाव पर राइट्स ने पिछले साल दोबारा सर्वे किया, ताकि शहर के लिए फुल मेट्रो सिस्टम की नई DPR तैयार की जा सके. अब यह रिपोर्ट UPMRC को सौंप दी गई है.

राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी

करीब 12,000 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू होने से पहले दो स्तरों पर मंजूरी लेनी होगी. सबसे पहले राज्य सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देगी. इसके बाद DPR केंद्र सरकार के पास भेजी जाएगी. परियोजना के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है. हालांकि, निर्माण कब शुरू होगा और मेट्रो कब तक चलने लगेगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है.

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