यूपी में 565 KM के 3 नए एक्सप्रेसवे की तैयारी, 650 गांवों से गुजरेगा नेटवर्क, इन जिलों को मिलेगा फायदा

यूपी तक

• 12:10 PM • 24 Oct 2026

उत्तर प्रदेश में सड़क और परिवहन नेटवर्क को विस्तार देने के लिए तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किए जाएंगे. राज्य सरकार की योजना के तहत इन परियोजनाओं के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

Three New Greenfield Expressways News

Three New Greenfield Expressways News (Photo AI Generated)

Google CTA

Three New Greenfield Expressways News: उत्तर प्रदेश में सड़क और परिवहन नेटवर्क को विस्तार देने के लिए तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किए जाएंगे. राज्य सरकार की योजना के तहत इन परियोजनाओं के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इन एक्सप्रेसवे से यात्रियों के साथ माल ढुलाई की आवाजाही को भी गति देने का लक्ष्य है. प्रस्तावित नेटवर्क उत्तर प्रदेश के करीब 650 गांवों और उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से होकर गुजरेगा. एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है. इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें...

विंध्य एक्सप्रेसवे समेत तीन परियोजनाएं

इन तीन परियोजनाओं में 320 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, 145 किलोमीटर लंबा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और 100 किलोमीटर लंबा विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. यानि कुल 565 KM के 3 नए एक्सप्रेसवे की तैयारी है. तीनों एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) विकसित कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाएं राज्य को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगी. सरकार ने तीनों एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को अंतिम रूप दे दिया है. अब इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अहम होगी. इन सड़कों से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने और यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें- यूपी में पुलिसकर्मियों को मिला बड़ा तोहफा, CM योगी ने भत्तों में की बढ़ोतरी, मोटरसाइकिल के 1000 और सिम के लिए मिलेंगे 2500 रुपये

 

गंगा एक्सप्रेसवे को सोनभद्र तक बढ़ाएगा

तीनों परियोजनाओं में विंध्य एक्सप्रेसवे सबसे लंबा है. इसके लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के 109 गांवों में करीब 4,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. यह परियोजना 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर जिलों से होते हुए सोनभद्र तक आगे बढ़ाएगी. इससे पूर्वी यूपी के इन क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है. वहीं, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से उत्तराखंड के हरिद्वार तक विस्तारित करेगा. इस परियोजना के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और बिजनौर जिलों के 184 गांवों के अलावा हरिद्वार जिले में भी जमीन अधिग्रहित करनी होगी. इस पूरे हिस्से के लिए करीब 2,020 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई है.

यह भी पढ़ें-  यूपी की महिलाओं को मिलेगा ₹1 लाख तक ब्याज मुक्त लोन, योगी सरकार ने शुरू की नई योजना

 

जमीन अधिग्रहण पर बड़ा खर्च

तीनों ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए कुल करीब 8,200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है. रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया पर 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो सकता है. हालांकि, विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए गांवों और जमीन के अधिग्रहण का अलग-अलग ब्योरा उपलब्ध कराई गई जानकारी में नहीं दिया गया है. इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में सड़क संपर्क बढ़ाने और पैसेंजर व कार्गो मोबिलिटी को रफ्तार देने का लक्ष्य है. गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे को भारत का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बताया गया है. दिए गए विवरण के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को इसका उद्घाटन किया था. अब प्रस्तावित तीनों परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना का हिस्सा हैं.