उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को एक और बड़ी उड़ान मिली है. उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) ने राज्य में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग नेटवर्क को विस्तार देते हुए 8 नई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी है.
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उत्तर प्रदेश अब देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तेजी से उभर रहा है. UPSIDA ने जिन 8 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, उनके माध्यम से प्रदेश में लगभग ₹800 करोड़ का नया निवेश जमीन पर उतरने जा रहा है, जिससे न केवल औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी बल्कि किसानों को भी बड़ा लाभ होगा.
इन जिलों में शुरू होंगे नए प्रोजेक्ट्स
यूपीसीडा द्वारा स्वीकृत ये 8 नई परियोजनाएं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 110 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएंगी. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- उन्नाव, औरैया, बलरामपुर, श्रावस्ती और सुल्तानपुर: यहाँ आधुनिक 'साइलो' (अनाज भंडारण केंद्र) स्थापित किए जाएंगे.
- लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर: यहां बड़े स्तर पर वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है.
- हापुड़: यहां एक नया लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट शुरू होगा.
निवेशकों का बढ़ा भरोसा: अब तक 61 परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
सरकारी नीतियों और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के चलते उत्तर प्रदेश में निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है. इन 8 नई परियोजनाओं को मिलाकर अब तक कुल 61 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. इन सभी प्रोजेक्ट्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ₹12,900 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है.ये सभी इकाइयां लगभग 810 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही हैं.
किसानों और उद्योगों को कैसे होगा फायदा?
इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के अन्नदाताओं और छोटे उद्योगों को मिलेगा. साइलो और कोल्ड चेन के विकास से अनाज की बर्बादी रुकेगी और किसान अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे.आधुनिक वितरण केंद्रों और वेयरहाउस क्लस्टर से औद्योगिक सप्लाई चेन और अधिक प्रभावी होगी. ₹12,900 करोड़ के इस भारी-भरकम निवेश से स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदम
राज्य सरकार का विजन उत्तर प्रदेश को मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है. इसके लिए निजी भूमि पर लॉजिस्टिक्स इकाइयां लगाने वाले निवेशकों को वित्तीय सहायता, टैक्स में छूट और अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. यूपीसीडा का प्रयास है कि निवेश की इन प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में यह उछाल न केवल यूपी की जीडीपी में योगदान देगा, बल्कि जेवर एयरपोर्ट और विभिन्न एक्सप्रेसवे के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा.
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