यूपी के 8 जिलों में पुरानी गाड़ी हटाने का बेहतरीन मौका, नए वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में मिलेगी 100% छूट

आशुतोष चौबे

11 Jul 2026 (अपडेटेड: 11 Jul 2026, 02:59 PM)

UP Road Tax 100 Percent Waiver: यूपी के NCR के 8 जिलों में पुरानी बस-ट्रक हटाने पर BS-6 और EV खरीद के लिए रोड टैक्स में 100% छूट मिलेगी. जानें योजना की पूरी जानकारी.

UP Vehicle Scrappage Scheme

UP Vehicle Scrappage Scheme (Photo: AI)

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UP Vehicle Scrappage Scheme: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने NCR क्षेत्र में चल रही पुरानी कमर्शियल बसों और ट्रकों को हटाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स सोशल मीडिया अकाउंट पर 'परिवर्तन योजना' की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह योजना नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, शामली और मुजफ्फरनगर के वाहन मालिकों के लिए लागू है. इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को सड़क से हटाकर BS-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है. इसके लिए वाहन स्क्रैप कराने पर टैक्स और अन्य शुल्कों में राहत का लाभ भी दिया जाएगा.
 

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वाहन स्क्रैप कराने पर मिलेंगे ये लाभ

परिवहन विभाग की ओर से जारी वीडियो के अनुसार, यदि NCR के इन आठ जिलों में रहने वाले लोग अपनी पुरानी BS-1 से BS-4 कमर्शियल बस या ट्रक को Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) सेंटर पर स्क्रैप कराते हैं, तो उन्हें नई BS-6 या इलेक्ट्रिक (EV) कमर्शियल गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में 100 फीसदी छूट मिलेगी. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस में भी राहत दी जाएगी. विभाग का कहना है कि यह पहल केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से शुरू की गई है, ताकि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम की जा सके.

EV खरीदने पर लाखों रुपये तक का फायदा

योजना के तहत केवल नई गाड़ी खरीदने वालों को ही नहीं, बल्कि पुराने ट्रकों के लंबित टैक्स में भी राहत देने का प्रावधान रखा गया है. वहीं, यदि कोई वाहन मालिक इलेक्ट्रिक बस या इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदता है, तो उसे 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है. परिवहन विभाग का मानना है कि इससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और व्यावसायिक वाहन मालिकों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.

नई गाड़ी नहीं खरीदना चाहते तो भी मिलेगा विकल्प

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाहन मालिक पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने के बाद नई गाड़ी खरीदना नहीं चाहता, तो उसे Certificate of Deposit (COD) दिया जाएगा. इस प्रमाणपत्र का ट्रेड भी किया जा सकता है. यानी वाहन मालिक के पास केवल नई गाड़ी खरीदने का ही विकल्प नहीं होगा, बल्कि वह इस प्रमाणपत्र का उपयोग अपने हिसाब से कर सकेगा. योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए लोगों को अपने नजदीकी RTO कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

क्या होगा फायदा, क्या कोई नुकसान भी है?

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह माना जा रहा है कि पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों की जगह नए BS-6 और इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर आएंगे, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही वाहन मालिकों को रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आर्थिक लाभ भी मिलेगा. हालांकि, जिन लोगों की पुरानी गाड़ी अभी भी अच्छी स्थिति में है और वे उसे लंबे समय तक चलाना चाहते हैं, उनके लिए स्क्रैप कराने का फैसला आर्थिक स्थिति और जरूरत के अनुसार अलग हो सकता है. ऐसे में वाहन मालिकों को योजना के सभी नियम और शर्तें समझने के बाद ही अंतिम निर्णय लेना चाहिए.