यूपी को मिलेगा एक और काशी जैसा भव्य कॉरिडोर, सीएम योगी ने इन 2 शहरों को दी 475 करोड़ की सौगात

उत्तर प्रदेश सरकार ने संत कबीर नगर के तामेश्वरनाथ धाम में अयोध्या, काशी और विंध्याचल की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर बनाने की योजना की घोषणा की है.

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26 Jun 2026 (अपडेटेड: 26 Jun 2026, 06:19 PM)

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UP New Corridor: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार धार्मिक स्थलों को नया रूप देने के अभियान में जुटी है. इसी कड़ी में अब संत कबीर नगर के प्रसिद्ध तामेश्वरनाथ धाम का नाम भी जुड़ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एलान किया कि सरकार तामेश्वरनाथ धाम में अयोध्या, काशी और विंध्याचल की तर्ज पर एक भव्य और विशाल कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है.

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मुख्यमंत्री ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ तामेश्वरनाथ धाम को एक नई और वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के विकास को भी एक नई रफ्तार मिलेगी. रोजगार और पर्यटन के लिहाज से यह कॉरिडोर आने वाले दिनों में इस इलाके के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

दो विधानसभा क्षेत्रों को बड़ा फायदा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर नगर और पड़ोसी जिले गोरखपुर के लिए कुल 139 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इन सभी प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 475 करोड़ रुपये से अधिक है. इस विकास पैकेज से दो प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों का कायाकल्प होगा.

  1. धनघटा विधानसभा क्षेत्र: यहां के लिए करीब 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी गई.
  2. खजनी विधानसभा क्षेत्र: इस क्षेत्र में लगभग 251 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की गई.

आस्था का सम्मान और विरासत को नमन

सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार तामेश्वरनाथ धाम के साथ-साथ बैजूनाथ धाम जैसे अन्य धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं पर भी गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने इस पहल को आस्था के प्रति सम्मान और उन पूर्वजों व महान विभूतियों के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि बताया जिन्होंने इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों को स्थापित किया था.

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बदला इलाका

क्षेत्र में हुए अन्य विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इलाके कभी पिछड़े माने जाते थे, आज उनकी सूरत बदल चुकी है.

  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने इस पूरे क्षेत्र को सीधे राजधानी लखनऊ से जोड़ दिया है, जिससे इलाके में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
  • रामसर साइट में शामिल प्रसिद्ध बखिरा झील को अब इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके.
  • युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्र में नए कॉलेज, पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट संस्थानों के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.

क्या है सरकार का फोकस?

मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी है. उनका कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मजबूत करना भी है.