यूपी पुलिस पेपर लीक का मास्टरमाइंड राजीव उर्फ राहुल मिश्रा पकड़ा गया तो खुल गईं ये सारी पोल

संतोष शर्मा

15 Mar 2024 (अपडेटेड: 15 Mar 2024, 01:46 PM)

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एसटीएफ ने सिपाही भर्ती पेपर लीक के असली मास्टरमाइंड को दबोच लिया है.

UP Police Bharti Paper Leak

एसटीएफ की पकड़ में मुख्य आरोपी

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UP Police Bharti Paper Leak: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एसटीएफ ने सिपाही भर्ती पेपर लीक के असली मास्टरमाइंड को दबोच लिया है. इसे पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है. अब एसटीएफ पेपर लीक की तह तक पहुंच चुकी है. 

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बता दें कि यूपी एसटीएफ ने सिपाही भर्ती लीक के असली मास्टरमाइंड राजीव उर्फ राहुल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ का कहना है कि भर्ती पेपर लीक का असली आरोपी राजीव उर्फ राहुल मिश्रा ही है, जिसे अब एसटीएफ ने पकड़ लिया है. इसी के साथ एसटीएफ ने एक अन्य आरोपी को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है. इसे भी राजीव उर्फ राहुल मिश्रा का करीबी बताया जा रहा है.

कैसे हुआ था पेपर लीक?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भर्ती परीक्षा का पेपर लीक प्रिंटिंग प्रेस के जरिए हुआ था. जैसे ही पेपर प्रिंटिंग प्रेस से निकला और इसे ट्रांसपोर्ट करवाने वाली कंपनी के पास पहुंची, तभी ये लीक करवा दिया गया. पेपर लीक करवाने के लिए पूरी योजना बनाई गई थी.

अब तक क्या-क्या पता चला?

बता दें कि अब तक यूपी एसटीएफ ने सिपाही पेपर लीक मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए आरोपियों में मुख्य आरोपी राजीव नयन मिश्रा और रवि अत्री भी शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने ही दिल्ली पुलिस के सिपाही विक्रम पहल को पेपर दिया था.

जांच में ये भी सामने आया है कि राजीव मिश्रा और रवि अत्री के नेटवर्क से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने ही पेपर को ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी से निकलवाया था. इसके लिए कंपनी के ही 2 कर्मचारियों की मदद ली गई थी. इसके बाद गुरुग्राम में 1000 अभ्यर्थियों को रिसॉर्ट में जमा करके पेपर की तैयारी करवाई गई थी.

 

60 हजार पदों पर निकाली गई थी ये भर्तियां

बता दें कि बीते 17-18 फरवरी के दिन यूपी में सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. 60 हजार से अधिक पदों पर ये भर्तियां निकाली गई थीं. बड़े स्तर पर यूपी के कई जिलों में परीक्षा आयोजित हुई थीं. इन्हें देने के लिए सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक से युवा आए थे. मगर सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर पहले से ही लीक हो गया था.

सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे थे. इसके बाद सिपाही भर्ती बोर्ड ने मामले की जांच की थी. जिसके बाद यूपी सरकार ने सिपाही भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया था और मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी. पेपर लीक होने के बाद पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की DG रेणुका मिश्रा को भी पद से हटाया गया था.