उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख महानगरों लखनऊ, कानपुर और आगरा में सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की मेट्रो परियोजनाओं की हाई-लेवल समीक्षा करते हुए इनके विस्तार और नए कॉरिडोर को लेकर सख्त समयसीमा निर्धारित कर दी है. आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेट्रो केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहरों की अर्थव्यवस्था का इंजन है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ इसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं.
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1. लखनऊ मेट्रो: पुराने शहर को मिलेगी रफ़्तार
लखनऊ मेट्रो का वर्तमान में 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर संचालित है. अब इसके विस्तार पर फोकस है:
- नया रूट: चारबाग से वसंत कुंज (कॉरिडोर-1B).
- लंबाई: लगभग 11.16 किमी.
- लक्ष्य: इसे वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
- फायदा: इससे पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों को आधुनिक और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी.
2. कानपुर मेट्रो: मार्च 2027 तक फुल ऑपरेशनल
कानपुर में मेट्रो का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है:
- कुल लंबाई: 32.4 किलोमीटर (दोनों कॉरिडोर मिलाकर).
- वर्तमान स्थिति: लगभग 15 किमी सेक्शन पर मेट्रो दौड़ रही है.
- लक्ष्य: शेष सभी कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है.
3. आगरा मेट्रो: जून 2026 में बड़ी सौगात
ताजनगरी में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मेट्रो का विस्तार गेम-चेंजर साबित होगा:
- कॉरिडोर-1: इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
- कॉरिडोर-2: इसे चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2027 तक पूरा किया जाएगा.
- वर्तमान स्थिति: प्राथमिक सेक्शन (6.5 किमी) पर पहले से ही सफल संचालन जारी है.
कमाई के नए फॉर्मूले पर जोर
सीएम योगी ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को निर्देश दिए कि केवल टिकट बिक्री पर निर्भर न रहें. स्टेशनों और परिसरों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ाया जाए. स्टेशनों पर मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल आउटलेट्स, फूड कोर्ट और ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएं. डिजिटल ब्रांडिंग और विज्ञापनों का अधिकतम उपयोग हो. बता दें कि वर्ष 2024-25 में विज्ञापन और रिटेल से लगभग 222 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई है.
लास्ट माइल कनेक्टिविटी: घर तक का सफर होगा आसान
सीएम योगी ने 'मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी' पर विशेष जोर दिया. यात्रियों को मेट्रो स्टेशन से उनके घर या ऑफिस तक पहुंचने में दिक्कत न हो, इसके लिए मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित सेवाओं से जोड़ा जाएगा. तीनों शहरों में फीडर रूट्स का निर्धारण और अतिरिक्त पार्किंग स्थलों का विकास किया जाएगा.
सुरक्षित और ऊर्जा दक्ष सफर
समीक्षा बैठक में बताया गया कि बेहतर परिचालन और 'ऊर्जा दक्ष' तकनीकों के कारण संचालन लागत में कमी आई है. सीएम योगी ने निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न हो और नई तकनीकों का उपयोग कर आमजन को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराया जाए.
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