ट्विशा शर्मा केस में परिवार को बड़ा झटका, सेकंड पोस्टमार्टम की याचिका को कोर्ट ने किया खारिज

Twisha Sharma Case Update: नोएडा की ट्विशा शर्मा मौत मामले में कोर्ट ने सेकंड पोस्टमार्टम की मांग फिलहाल खारिज कर दी है. हालांकि अदालत ने शव को -80°C पर सुरक्षित रखने का आदेश दिया है ताकि जरूरत पड़ने पर भविष्य में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा सके.

Twisha Sharma Case Update

यूपी तक

• 08:02 PM • 20 May 2026

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Twisha Sharma Case Update: नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की ससुराल में मौत के मामले में परिवार को कोर्ट से एक झटका लगा है. परिवार द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई ट्विशा के सेकंड पोस्टमार्टम की याचिका को अदालत ने फिलहाल खारिज कर दिया है. हालांकि कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि ट्विशा के शव को करीब -80°C के बेहद कम तापमान में पूरी तरह प्रिजर्व रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर भविष्य में दोबारा पोस्टमार्टम किया जा सके.

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कोर्ट ने क्यों खारिज की दोबारा पोस्टमार्टम की मांग?

इस पूरे कानूनी घटनाक्रम और कोर्ट के फैसले पर ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने हमारे सहयोगी 'आजतक' से खास बातचीत में स्थिति साफ की है. वकील अंकुर पांडे ने बताया कि कोर्ट ने उनकी याचिका को आंशिक रूप से (Partially) स्वीकार किया है. दोबारा पोस्टमार्टम की मांग खारिज होने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि 'हमारी मुख्य प्रार्थना दिल्ली एम्स से सेकंड पोस्टमार्टम कराने की थी. लेकिन अदालत ने यह कहते हुए इसे स्वीकार नहीं किया कि दिल्ली एम्स उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है. क्षेत्राधिकार का हवाला देकर कोर्ट ने इस हिस्से को रिजेक्ट कर दिया है.'

ट्विशा के शव को डीप फ्रीज करने का आदेश

भले ही कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र की वजह से एम्स से पोस्टमार्टम कराने की इजाजत न दी हो. लेकिन मामले की गंभीरता को अदालत ने भी माना है. एडवोकेट अंकुर पांडे के मुताबिक, केस डायरी का अध्ययन करने और परिवार के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने जांच एजेंसी (SHO) को तुरंत और तत्काल रूप से निर्देशित किया है कि ट्विशा की बॉडी को माइनस 80 डिग्री (-80°C) या जिस भी परिस्थिति में शव सुरक्षित बच सके उसमें प्रिजर्व किया जाए. कोर्ट ने पुलिस से इस पर तुरंत अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है. वकील का कहना है कि कोर्ट के इस कड़े निर्देश से साफ है कि कहीं न कहीं अदालत की मंशा भी यही है कि केस की निष्पक्ष जांच के लिए सेकंड पोस्टमार्टम होना चाहिए.

आगे क्या कदम उठाएगा परिवार? 

अब सवाल यह उठता है कि सेकंड पोस्टमार्टम की याचिका खारिज होने के बाद पीड़ित परिवार के पास क्या रास्ता बचा है? इस पर वकील अंकुर पांडे ने भविष्य की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि सबसे पहले वकील और उनकी टीम कोर्ट के इस लिखित आदेश की कॉपी का बारीकी से अध्ययन करेंगे. आदेश की समीक्षा करने के बाद पीड़ित परिवार और केस से जुड़े अन्य लोगों से बैठकर बातचीत की जाएगी. अगर कानूनी रूप से जरूरी लगा और निचली अदालत के फैसले में गुंजाइश दिखी तो ट्विशा को इंसाफ दिलाने के लिए उनका परिवार जल्द ही हाई कोर्ट का रुख करेगा. 

क्या है पूरा मामला

12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई, लेकिन शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई. परिजनों का आरोप है कि ट्विशा पर दहेज और संपत्ति को लेकर दबाव बनाया जा रहा था. ऐसे में ट्विशा के परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी. फिलहाल, शव को डीप फ्रीज करने के कोर्ट के इस आदेश ने इस हाई-प्रोफाइल केस में सस्पेंस और जांच की आंच को और बढ़ा दिया है.