लखनऊ के दो ग्राम पंचायतों से शुरू हुआ प्रोजेक्ट, यूपी में 1000 गांवों में ऐसे मिलेंगी आधार से जु़ड़ी सेवाएं

UP News: योगी सरकार ने ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ही आधार कार्ड बनवाने और अपडेट की सुविधा मिलेगी. लखनऊ की दो पंचायतों से इसकी शुरुआत हो चुकी है.

यूपी तक

22 Jan 2026 (अपडेटेड: 22 Jan 2026, 11:59 AM)

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UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार करवाने के लिए शहरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को धरातल पर उतारते हुए पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाओं की शुरुआत कर दी है.

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लखनऊ की इन दो पंचायतों से हुआ आगाज

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सफल शुभारंभ राजधानी लखनऊ की दो ग्राम पंचायतों से किया गया है:

भटगवां पांडेय (सरोजनीनगर ब्लॉक)
सैरपुर (चिनहट ब्लॉक)

इन दोनों पंचायतों में आधार केंद्र पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं और अब तक 40 से अधिक ग्रामीणों ने अपने गांव में ही आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठाया है.

मिशन 1000: पहले चरण की बड़ी तैयारी

सरकार इस सेवा का तेजी से विस्तार करने जा रही है. प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में तत्काल प्रभाव से आधार सेवाएं शुरू की जाएंगी. भविष्य में चरणबद्ध तरीके से उत्तर प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा. इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए अब तक 800 से अधिक पंचायत सहायकों को ट्रेंड किया जा चुका है, जबकि बाकी का प्रशिक्षण कार्य युद्धस्तर पर जारी है.

पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य: ओमप्रकाश राजभर

प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर आधार सेवाओं की शुरुआत ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे न केवल ग्रामीणों के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि पंचायतें भी आत्मनिर्भर और सक्षम बनेंगी.

डिजिटल इंडिया की दिशा में मील का पत्थर

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग ग्राम पंचायतों को 'नागरिक सेवा केंद्र' के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. आधार सेवाओं का यह विस्तार डिजिटल इंडिया के संकल्प को साकार करेगा और हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ेगा.

ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?

तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं. 

गांव के ही पंचायत सहायक के माध्यम से सुरक्षित सेवा. 

आने-जाने के खर्च और बिचौलियों से मुक्ति.

नाम, पता, जन्मतिथि या फोटो अपडेट जैसे कार्य अब घर के पास ही संभव होंगे.

यह पहल यूपी की ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से डिजिटल और हाईटेक बनाने की दिशा में योगी सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.

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