दिल्ली के जंतर-मंतर पर 14 साल की बच्ची के पिता के साथ मारपीट करने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर पुलिस का शिकंजा कस गया है. दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को यूपी के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था. इसके बाद आज यानी 5 सितंबर को उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर स्थित जज के सामने पेश किया गया.
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 1 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. एक तरफ मामले में एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसी सख्त धाराएं जुड़ने के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी है. वहीं दूसरी तरफ आरोपी के समर्थन में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
बुलंदशहर से गिरफ्तारी और कोर्ट का फैसला
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की टीम ने 4 सितंबर को यूपी के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था. 5 सितंबर को कड़कड़डूमा कोर्ट के जज के आवास पर उसकी पेशी हुई जहां सुरक्षा और अन्य कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की गई. पुलिस ने मामले की तहकीकात और पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जिसके बाद अदालत ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश जारी किया.
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत 23 जून 2024 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई थी. शिकायतकर्ता अपनी 14 साल की बेटी के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. वहां वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद छिड़ गया जिसके बाद आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता के साथ जमकर मारपीट की. इस हमले में पीड़िता के पिता के सिर में गंभीर चोट आई थी और कई टांके लगाने पड़े थे.
हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें वह हंसते-मुस्कुराते हुए अपना जुर्म कबूल करता नजर आ रहा था. उसने खुलेआम कहा कि उसने एक बच्ची के पिता का सिर फाड़ दिया था. लेकिन बड़े-बड़े नेताओं के 'बड़े भाई' होने के कारण उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका और उसे जेल नहीं जाना पड़ा. इस वीडियो के सामने आने के बाद राहुल गांधी, चंद्रशेखर आजाद और विपक्षी नेताओं ने पुलिस और सरकार की चुप्पी पर कड़े सवाल उठाए जिसके बाद पुलिस हरकत में आई.
एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
प्रदर्शन और जनआक्रोश के बाद पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ाते हुए एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं. इसके अलावा पीड़ित पक्ष और नाबालिग लड़की ने सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही धमकियों का आरोप लगाया था. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अलग से पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है.
समर्थक उतरे सड़कों पर
एक तरफ जहां पीड़ित पक्ष न्याय की मांग कर रहा है वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में हिंदू रक्षा दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे. हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज को 'हिंदुत्व का रक्षक' बताया और नारेबाजी की. कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक दबाव में स्वतंत्र के खिलाफ गलत और फर्जी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल 1 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान दिल्ली पुलिस आरोपी से मामले के अन्य पहलुओं और धमकियों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है.
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