चार बार बुलाने के बाद उनसे मिली... दूल्हा हत्याकांड में मारे गए आजाद बिंद की बहन सौम्या ने अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद ये सब बताया

Jaunpur Azad Bind murder case: जौनपुर के आजाद बिंद हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने जातिवाद के आरोपों को खारिज करते हुए फरार आरोपियों के ‘फुल एनकाउंटर’ की मांग की है. मृतक की बहन सौम्या ने प्रशासन से जल्द न्याय देने की अपील करते हुए कड़ी चेतावनी भी दी.

Saumya bind

आदित्य भारद्वाज

• 04:07 PM • 27 May 2026

follow google news

Jaunpur Azad Bind murder case: जौनपुर के चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में एक तरफ एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव के परिजन जातिवाद और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पीड़ित परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बुधवार को मृतक आजाद बिंद की बहन सौम्या ने जौनपुर के जिलाधिकारी से मुलाकात की और कार्रवाई की गुहार लगाई. मीडिया से बातचीत के दौरान सौम्या ने कहा कि इस मामले में राजनीति और जातिवाद को न घसीटा जाए. सौम्या ने मांग की है कि जिस बेरहमी से उनके भाई को मारा गया ठीक उसी तरह आरोपी भोले और शोले राजभर और प्रदीप बिंद समेत सभी फरार अपराधियों का फुल एनकाउंटर किया जाए. 

यह भी पढ़ें...

हाफ एनकाउंटर या कोर्ट-कचहरी नहीं चाहिए

जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सौम्या ने कहा कि 'हम प्रशासन से गुहार लगाने आए हैं कि कार्रवाई में कोई देरी न की जाए. जैसे रवि यादव का अंत हुआ वैसे ही बाकी बचे अपराधियों का भी हश्र होना चाहिए. हमें कोई हाफ एनकाउंटर नहीं चाहिए और न ही वे लोग कोर्ट-कचहरी जाने चाहिए. लोग कहते हैं कि कोर्ट का संवैधानिक अधिकार है. लेकिन मैं पूछती हूं कि एक अपराधी का कौन सा संवैधानिक अधिकार होता है? अगर अपराधी अदालतों के चक्कर काटेगा, तो हम पीड़ित लोग क्या अपनी पढ़ाई-लिखाई छोड़कर जिंदगी भर इस बात के लिए लड़ते रहेंगे कि उसे जेल हो या फांसी हो? हम तो वैसे ही बर्बाद हो जाएंगे.'

एनकाउंटर में ढेर हुए रवि यादव के परिजनों द्वारा लगाए जा रहे जातिवाद के आरोपों पर सौम्या ने कहा कि 'मैं बस यही कहना चाहूंगी कि इसमें जातिवाद का नाम न लाएं. राजनीति करने वाले इसे जातिवाद का नाम देते हैं. लेकिन सच यह है कि मरता हमेशा गरीब ही है. रवि यादव कोई बेगुनाह नहीं था, वह अपराधी था और इसीलिए मरा. अगर वह बेगुनाह था तो उसका बेटा भाग क्यों रहा था? उसके परिवार वाले पहले अपने बेटे को थाने लेकर क्यों नहीं आए? मोबाइल रिकॉर्ड और पूछताछ से सब साफ हो जाता. लेकिन भागकर उन्होंने खुद सबूत दिया कि वे अपराधी थे. रवि ने पहले भी हत्याएं की थीं.'

सौम्या ने आगे कहा कि उन्होंने किसी बेगुनाह को नहीं फंसाया है. उन्होंने खुद अपनी आंखों से अपने पिता और भाई को पिटते और मरते देखा है, इसलिए वे सिर्फ उन्हीं का नाम ले रही हैं जो वहां मौजूद थे.

भोले राजभर के खात्मे तक लड़ाई जारी रहेगी

सौम्या ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई से वे अभी केवल 1% संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा 'जब तक मुख्य आरोपी भोले राजभर और प्रदीप बिंद नहीं मारे जाते, मुझे संतोष नहीं मिलेगा. जो अपराध की मुख्य जड़ है उसे खत्म करना जरूरी है ताकि कल को वह किसी दूसरे गरीब के घर के लड़के को अपराधी न बनाए और कोई दूसरा बेगुनाह न मरे. अभी सिर्फ एक मरा है, बाकी के पांचों भी मरने चाहिए और यमराज के पास पहुंचने चाहिए.'

अखिलेश यादव ने 4 बार बुलाया

राजनीतिक मुलाकातों के सवाल पर सौम्या ने खुलासा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं. सौम्या के मुताबिक, 'अखिलेश यादव जी ने मुझे चार बार मिलने के लिए बुलाया था मैंने चार बार मना किया. लेकिन जब पांचवीं बार उन्होंने बुलाया तो मैंने सोचा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री बार-बार बुला रहे हैं तो हमें जाना चाहिए. उन्होंने हमसे कहा कि कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए ताकि कोई दूसरा घर न उजड़े. वे हमारा पूरा सहयोग कर रहे हैं.'

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात न हो पाने पर सौम्या ने प्रशासन पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि 'हमने योगी आदित्यनाथ जी से मिलने की बहुत कोशिश की. लेकिन प्रशासन ने हमें पहले ही रोक दिया. अगर मुख्यमंत्री खुद हमसे मिलना चाहते, तो प्रशासन खुद हमें वहां ले जाता. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा. वे बोलते हैं जीरो टॉलरेंस लेकिन यहां तो सिर्फ गरीब ही मर रहा है. मैं चाहती हूं कि योगी जी खुद देखें कि यहां जमीन पर क्या हो रहा है.'

प्रशासन जल्द न्याय दे वरना अंजाम आप देखेंगे

इंटरव्यू के सौम्या ने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वे न्याय के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कानून हाथ में लेंगी? इसपर सौम्या ने कहा कि 'हम कानून हाथ में क्यों लें? हम जो भी करेंगे, कानून को बताकर करेंगे कि अब हम यह करने जा रहे हैं. लेकिन हमारी मांग यही है कि प्रशासन हमें तुरंत के तुरंत इंसाफ दे, वरना आगे हम जो कदम उठाएंगे, वो आप खुद देख लीजिएगा.'