गोरखपुर से मुकेश सहनी ने भरी हुंकार, निषाद आरक्षण पर सरकार को दी बड़ी चेतावनी!

यूपी तक

02 Aug 2026 (अपडेटेड: 02 Aug 2026, 07:43 PM)

Nishad Reservation Demand: गोरखपुर में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने निषाद समाज को आरक्षण देने की मांग दोहराते हुए केंद्र और यूपी सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 से पहले आरक्षण नहीं मिला तो एनडीए के खिलाफ उनकी पार्टी अभियान चलाएगी.

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Nishad Reservation Demand: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि निषाद समाज को संवैधानिक अधिकार और आरक्षण दिलाने की है. उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो उनकी पार्टी एनडीए के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान चलाएगी.

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मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वह सत्ता का मोह छोड़कर समाज के हित में निर्णय लें. उन्होंने कहा कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है तो डॉ. संजय निषाद को समर्थन वापस लेकर विपक्ष की राजनीति करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि वह ऐसा करते हैं तो इंडिया ब्लॉक में उनका सम्मानपूर्वक स्वागत होगा और उन्हें मजबूत राजनीतिक भूमिका दिलाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, बल्कि विचारों की लड़ाई है और समाज का हित सर्वोपरि है.

‎उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले से इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है और समाज के अधिकारों की लड़ाई किसी पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ी जा रही है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने समाज के सम्मान के लिए सत्ता और मंत्रिमंडल तक का त्याग किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली में निषाद समाज को आरक्षण का लाभ मिल सकता है तो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में यह अधिकार क्यों नहीं दिया जा सकता. 

‎उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार निषाद समाज की मांगों को स्वीकार कर लेती है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद देंगे तथा अपना आंदोलन समाप्त कर बिहार लौट जाएंगे.

‎मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है और वह किसी का बंधुआ वोट बैंक नहीं है. समाज अब न्याय और अधिकार के आधार पर राजनीतिक निर्णय करेगा. उन्होंने कहा कि वीआईपी की संकल्प यात्रा का उद्देश्य वोट या चंदा मांगना नहीं, बल्कि समाज को संगठित कर आरक्षण के लिए जनआंदोलन खड़ा करना है. उन्होंने कहा कि निषाद समाज एक क्रांतिकारी समाज है, जिसने हमेशा अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया है. अब समाज अपने बच्चों के भविष्य, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर पहले से अधिक सजग हो चुका है. 

‎उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी पार्टी कई राज्यों में संगठन को मजबूत कर रही है और समाज के लोगों को एकजुट करने का अभियान लगातार जारी रहेगा.

‎प्रेस वार्ता में मुकेश सहनी ने गोरखपुर प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वीआईपी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम करने से रोका गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है. 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग समाज के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं, जबकि निषाद समाज आरक्षण और सम्मान की लड़ाई को लेकर पहले से कहीं अधिक संगठित है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर निर्णायक भूमिका निभाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा.