CM शुभेंदू अधिकारी के पीए मर्डर केस में रिहा होते ही राज सिंह का क्षत्रिय महासभा से हुआ मोहभंग, परेशान होकर कही ये बात!

पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बाइज्जत रिहा हुए बलिया निवासी राज सिंह ने संगठन और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में क्षत्रिय महासभा ने साथ नहीं दिया जबकि कस्टडी में उन्हें एनकाउंटर की धमकियां तक मिलीं.

Raj Singh

यूपी तक

• 06:26 PM • 21 May 2026

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Raj Singh about Kshatriya Mahasabha: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार हुए बलिया के राज सिंह ने बाइज्जत रिहा होने के बाद बड़ा बयान दिया है. सिंह,  क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव पद पर तैनात राज सिंह ने अपने संगठन के रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर किया है. यूपी Tak से खास बातचीत में राज सिंह ने दर्द बयां करते हुए कहा कि जब वह और उनका परिवार इस भयानक खाकी के खौफ और संकट से जूझ रहे थे तब संगठन का कोई भी व्यक्ति उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया. 

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'घर के ऊपर लगा बोर्ड सिर्फ लाइमलाइट बनकर रह गया'

क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव पद पर होने के बावजूद संगठन से मिले शून्य सहयोग पर राज सिंह ने यूपी Tak से कहा कि 'जब मैं और मेरा परिवार इस बड़े संकट में फंसे थे तो मेरे घर के ऊपर लगा संगठन का बोर्ड सिर्फ एक दिखावे की लाइमलाइट बनकर रह गया था. उस बुरे वक्त में मेरे अपने परिजनों और कुछ बेहद खास लोगों के अलावा संगठन का कोई भी व्यक्ति मेरे परिवार को ढांढस बंधाने या मदद करने आगे नहीं आया. मुझे नहीं लगता कि अब इस पद पर बने रहने का कोई मतलब है. मैं जल्द ही इस पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहा हूं क्योंकि जो संगठन मुसीबत में आपके साथ न खड़ा हो, उसका कोई फायदा नहीं है.'

ढाबे पर खाना खाते वक्त अचानक SOG ने दबोचा

अपनी गिरफ्तारी के खौफनाक मंजर को याद करते हुए राज सिंह ने बताया कि वे अपनी मां और परिवार के साथ अयोध्या में प्रभु श्री राम के दर्शन करने गए थे. वहां से लौटते समय बलिया के रास्ते में वे लोग खाना खाने के लिए एक ढाबे पर रुके. जैसे ही खाना खाकर वे घर जाने के लिए निकले तभी एसओजी की टीम ने उन्हें अचानक गिरफ्तार कर लिया. राज सिंह का आरोप है कि पुलिस और एसओजी ने बिना किसी प्रकार की जांच किए सिर्फ नाम के कन्फ्यूजन के कारण उन पर जानबूझकर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि 'तुम बोलो कि हां ये अपराध तुमने किया है'. राज सिंह ने कहा कि चूंकि वह पूरी तरह सत्य पर थे इसलिए वे किसी के आगे झुके या दबे नहीं.

'झूठ बोलोगे तो एनकाउंटर कर देंगे'

राज सिंह ने कस्टडी के दौरान मिले भयानक मानसिक टॉर्चर को बयां करते हुए कहा कि 'अपराध कबूल करवाने के लिए मुझ पर भयंकर प्रेशर बनाया गया.  मुझे सीधे तौर पर डराया जा रहा था कि 'बोलो-बोलो, झूठ बोलोगे तो गोली मार देंगे, तुम्हारा एनकाउंटर कर देंगे. मैंने पुलिस वालों से साफ कहा था कि जो कुछ है सब आपके सामने है, मेरा फोन ले लीजिए और मेरी पूरी कुंडली निकाल लीजिए, मेरा इस अपराध से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है. यह सिर्फ महादेव का आशीर्वाद था कि मैं उनकी धमकियों से डरा नहीं. अगर इस केस में सीबीआई की निष्पक्ष जांच नहीं हुई होती तो मेरे जैसे निर्दोष लड़के का अब तक एनकाउंटर हो चुका होता.'