UP Tak Exclusive: 'CBI नहीं आती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता'... CM शुभेंदु PA मर्डर केस में छूटे राज सिंह का छलका दर्द

UP Tak Exclusive: गलत पहचान के कारण गिरफ्तार हुए राज सिंह ने रिहा होने के बाद यूपी Tak से की खास बातचीत. कहा- अगर सीबीआई नहीं आती तो पुलिस मेरा एनकाउंटर कर देती.

Photo: Raj Singh

अनिल अकेला

• 02:30 PM • 21 May 2026

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"अगर सीबीआई नहीं आई होती तो मेरे जैसे निर्दोष लड़के का कभी का एनकाउंटर हो गया होता. मुझ पर इतना ज्यादा प्रेशर बनाया गया था और डराया जा रहा था कि झूठ बोलो, नहीं तो गोली मार देंगे." यह कहना है अखिल भारत महासभा के प्रदेश महासचिव राज सिंह का जिन्हें शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में गलत पहचान के कारण गिरफ्तार कर लिया गया था. निर्दोष साबित होकर घर लौटने के बाद राज सिंह ने यूपी Tak से बातचीत में अपना पूरा दर्द और आपबीती साझा की है. 

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ढाबे पर खाना खाते वक्त अचानक हुई गिरफ्तारी

अपनी गिरफ्तारी के उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए राज सिंह ने बताया, "मैं अपनी मम्मी और परिवार के साथ अयोध्या में राम जी का दर्शन करने गया था. वहां से दर्शन करके हम लोग वापस बलिया आ रहे थे. रास्ते में खाना खाने के लिए हम एक ढाबे पर रुके. खाना खाकर जैसे ही हम लोग घर जाने के लिए निकले, तभी SOG की टीम ने मुझे अचानक गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में पुलिस और SOG टीम ने बिना किसी प्रकार की जांच किए मुझ पर जानबूझकर यह दबाव बनाना शुरू कर दिया कि 'हां, तुमने यह अपराध किया है, तुम बोलो कि हां तुमने किया है.' जबकि मैं सत्य पर था, तो मैं क्यों किसी के आगे झुकता या दबता."

'झूठ बोलोगे तो गोली मार देंगे, एनकाउंटर कर देंगे'

राज सिंह ने यूपी Tak को बताया कि कस्टडी के दौरान उन पर अपराध कबूल करने के लिए भयंकर मानसिक दबाव बनाया गया और प्रताड़ित करने की कोशिश की गई. राज सिंह के मुताबिक, "मुझे डराया जा रहा था कि बोलो-बोलो, झूठ बोलोगे तो गोली मार देंगे, एनकाउंटर कर देंगे. मैंने उनसे साफ कहा कि जो है सब आपके सामने है, मेरा फोन ले लीजिए और मेरी सारी कुंडली निकाल लीजिए, मेरा किसी अपराध से कोई वास्ता नहीं है. अपराध कबूल करवाने के लिए बहुत प्रेशर बनाया गया, लेकिन महादेव का आशीर्वाद था कि मैं किसी की धमकी से डरा नहीं."

बंगाल ले जाकर एनकाउंटर करने की रची जा रही थी प्लानिंग!

यूपी से जब राज सिंह को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल ले जाया गया, तो वहां उनके लिए मुश्किलें और बढ़ गईं. राज सिंह ने बताया, "जब मुझे बंगाल लेकर गए, तो मुझे बंगाली भाषा आती नहीं थी. वहां भाषा की बहुत बड़ी समस्या हुई. पुलिस वहां मुझे एक खूंखार अपराधी और जलील नजरों से देख रही थी. हम लोग राजनीति में रहे हैं तो हमें पता है कि क्या होता है. वहां मुझे साफ लगने लगा था कि ये लोग मेरा एनकाउंटर करने की प्लानिंग कर रहे हैं और मुझे कहीं ले जाकर मार देंगे. लेकिन यह तो अच्छा हुआ कि मेरे परिवार और मेरे खास लोगों ने आप लोगों (मीडिया) के माध्यम से वहां तक अपनी आवाज पहुंचाई कि इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच हो."

'अगर सीसीटीवी फुटेज और बिल नहीं होता, तो मैं जिंदा नहीं बचता'

जब यूपी Tak ने राज सिंह से पूछा कि अगर उनके घरवालों ने सीबीआई को सीसीटीवी फुटेज मुहैया नहीं कराई होती तो क्या होता? इस पर राज सिंह ने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया, "अगर मेरे पास वो सबूत नहीं होता, तो आज मैं आप लोगों के बीच जिंदा नहीं होता, मेरा कभी का एनकाउंटर हो चुका होता. सीसीटीवी फुटेज ने मुझे बचाने में सबसे अहम रोल प्ले किया है. मैंने अपने लिए ड्रेसलैंड मॉल से 200 कुछ रुपये का एक कुर्ता-पायजामा खरीदा था. उस मॉल का सीसीटीवी फुटेज और बिल मेरे पास मौजूद था, जिससे यह साबित हुआ कि मैं घटनास्थल पर नहीं बल्कि कहीं और था. इसी सबूत के दम पर मुझे यकीन था कि मैं गलत नहीं हूं तो मेरे साथ कुछ गलत नहीं होगा."

'बुरे वक्त में कोई संगठन काम नहीं आया, पद से दे सकता हूं इस्तीफा'

अखिल भारत महासभा के प्रदेश महासचिव के पद पर रहने वाले राज सिंह ने इस संकट की घड़ी में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के खोखलेपन पर भी अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा, "बुरे वक्त में कोई काम नहीं आता है, सिर्फ अपने खास लोग और परिजन ही काम आते हैं. यह जो प्रदेश महासचिव का बोर्ड लगा है, मुझे नहीं लगता कि यह बरकरार रहेगा क्योंकि इसका कोई मतलब नहीं है. ये सब बस झूठ-मूठ की लाइमलाइट के लिए है. जिस समय मैं फंसा हुआ था, मेरे परिवार वाले बोल रहे थे कि कोई भी राजनीतिक दल या संगठन काम नहीं आया. मैं इस महासभा के पद से इस्तीफा दूंगा या नहीं, इसका फैसला आगे पता चलेगा."

सीबीआई और पत्रकार बंधुओं को दिया धन्यवाद

अपनी रिहाई के बाद राज सिंह ने जांच एजेंसी सीबीआई की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, "मैं सबसे पहले पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी आवाज को पूरे देश-विदेश में पहुंचाया कि मैं निर्दोष हूं. और मैं उससे भी ज्यादा धन्यवाद सीबीआई (CBI) को देना चाहता हूं. जब मैं सीबीआई के अंडर में आया, तो मेरे साथ किसी प्रकार की कोई बदतमीजी नहीं हुई. सीबीआई के अफसरों ने बिना किसी राजनीतिक दबाव या प्रेशर के निष्पक्ष होकर बहुत अच्छे से जांच की. जो उन्होंने पूछा, मैंने सच-सच बताया."

विपक्ष द्वारा सीबीआई पर उठाए जाने वाले सवालों को लेकर राज सिंह ने देश की जनता से अपील करते हुए कहा, "लोग और विपक्ष चाहे जो कहें, लेकिन मेरे मामले में सीबीआई ने बिल्कुल सही रोल प्ले किया है जिसके कारण एक निर्दोष आज अपने घर वापस आया है. मैं तो यह बोल रहा हूं कि अगर कोई भी व्यक्ति पूरी तरह निर्दोष है, तो उसे सोग, एसटीएफ या पुलिस विभाग के चक्कर काटने के बजाय सीधे सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए, क्योंकि वो बेगुनाह को साबित करके ही रहेंगे."

अंत में भगवान श्री राम और अपनी मां को याद करते हुए राज सिंह भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वह श्री राम के बड़े भक्त हैं और उन्हें पूरा भरोसा था कि राम जी अपने भक्त के साथ कुछ गलत नहीं होने देंगे और उनकी मां के आंसू कभी व्यर्थ नहीं जाएंगे. आज मां के आशीर्वाद और दुआओं की वजह से ही वह सुरक्षित वापस लौटे हैं.