Gonda Crocodile Attack: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी के घाट पर एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक परिवार अपनी बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, लेकिन पलक झपकते ही वहां मौजूद दामाद को मगरमच्छ खींच ले गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है.
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ग्रेटर नोएडा से उमरी गांव आया था दीपक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा का रहने वाला 30 साल का दीपक शर्मा अपनी सास उर्मिला देवी के निधन की खबर सुनकर गोंडा जिले के उमरी गांव आया था. मृतक दीपक का विवाह उमरी निवासी बाबूलाल शर्मा की पोती से हुआ था. बुधवार दोपहर को दीपक अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ सास उर्मिला देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी के किनारे पहुंचा था.
चिता सजाने के लिए खोद रहा था गड्ढा, नहाते ही हुआ हमला
घाट पर पहुंचने के बाद दीपक अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गया था. वह नदी के किनारे चिता सजाने के लिए खूंटा गाड़ रहा था और गड्ढा खोद रहा था. खुदाई का काम पूरा करने के बाद वह मिट्टी और धूल साफ करने के लिए जैसे ही नदी के किनारे नहाने के लिए उतरा और पानी में केवल एक डुबकी लगाई, तभी पानी के भीतर घात लगाए बैठे एक मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया. मगरमच्छ ने पलक झपकते ही दीपक का सिर अपने मजबूत जबड़े में दबाया और तेजी से उसे गहरे पानी के अंदर खींच ले गया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने दी थी चेतावनी
इस खौफनाक मंजर को देखकर नदी किनारे मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई. घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजेश शुक्ला ने बताया कि दीपक दामाद था, इसलिए वहां मौजूद सभी लोगों ने उसे चिता सजाने और काम करने के लिए मना किया था, लेकिन वह नहीं माना.
दीपक के पानी में विलीन होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों ने तुरंत नदी में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन गहरे पानी और मगरमच्छ के खौफ के बीच उसका कुछ पता नहीं चल सका. इस भारी दुख और अफरा-तफरी के बीच ही मृतका उर्मिला देवी का अंतिम संस्कार किया गया, जिनकी चिता को उनके मासूम बेटे राज ने मुखाग्नि दी.
तलाश के बाद रुका अभियान, लखनऊ से बुलाई गई SDRF
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग की टीम, नाविक और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तुरंत मौके पर पहुंचे. स्थानीय टीमों ने नाव के जरिए नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन कल देर शाम तक दीपक का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिसके बाद रात के अंधेरे के कारण अभियान को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा.
जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव और उमरी बेगमगंज के थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने फोन पर आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन को बड़े स्तर पर चलाने के लिए लखनऊ से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीम को बुलाया गया है. फिलहाल, पीड़ित परिवार और उमरी गांव के तमाम लोग नदी के किनारे ही इकट्ठा हैं. अभी तक न तो दीपक जीवित मिला है और न ही उसका शव बरामद हो पाया है. सभी लोग लखनऊ से आ रही एसडीआरएफ की टीम का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनके आने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जा सके. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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