Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ मर्डर केस में पुलिस की एक बड़ी चूक सामने आई है. इस मामले में पुलिस ने गलत पहचान के चलते एक दूसरे राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जिसका इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं था. वह व्यक्ति सिर्फ फेसबुक पर रील बनाने का काम करता था. असली आरोपी की पहचान होने के बाद अब उस निर्दोष व्यक्ति को रिहा कर दिया गया है.
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कैसे हुई थी गलत राज सिंह की गिरफ्तारी?
इस मामले की शुरुआत में कोलकाता पुलिस ने बिहार के बक्सर से दो अन्य आरोपियों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया था. इन दोनों आरोपियों से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो जांच टीम को राज सिंह नाम के एक व्यक्ति का सुराग मिला. इस पूछताछ के आधार पर, 11 मई को कोलकाता पुलिस ने उत्तर प्रदेश की अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह नाम के शख्स को अरेस्ट कर लिया था. यूपी पुलिस ने इस राज सिंह को गिरफ्तार करके बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया था.
सीबीआई की जांच में खुली पोल, असली आरोपी हुआ गिरफ्तार
मामले की कड़ियां तब बदलीं जब दो दिन पहले इस केस में चौथी गिरफ्तारी हुई. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में छपार टोल प्लाजा से बलिया के रसड़ा के रहने वाले राजकुमार सिंह को अरेस्ट किया.
राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई ने गहनता से पूछताछ की, तो पता चला कि पहले गिरफ्तार हुआ राज सिंह दरअसल गलत पहचान का शिकार हुआ था. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को असल में राजकुमार सिंह को पकड़ना था, लेकिन नाम की समानता या भ्रम के कारण यूपी पुलिस ने दूसरे राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था.
अदालत में पेशी और बेगुनाह की रिहाई
सच्चाई सामने आने के बाद, सीबीआई ने पहले गिरफ्तार किए गए राज सिंह को बेकसूर पाते हुए रिहा कर दिया है, क्योंकि अपराध में उसकी कोई भूमिका नहीं थी. वहीं दूसरी ओर, असली आरोपी को पुलिस और जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट (अदालत) में पेश कर दिया गया है.
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