यूपी के फतेहपुर जिले के आलियाबाद गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब यहां एक शिक्षामित्र का शव शनिवार को स्कूल के कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला. मृतक का नाम अखिलेश कुमार है. वह बीएलओ के रूप में भी कार्यरत थे. परिजनों का आरोप है कि अखिलेश कुमार ने विभागीय दबाव और छुट्टी न मिलने के कारण कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दी है. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है. प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है.
ADVERTISEMENT
सुसाइड नोट में छुट्टी और काम के दबाव का मिला जिक्र
परिजनों के अनुसार, अखिलेश कुमार की शर्ट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है. आरोप है कि इस नोट में अखिलेश ने एसडीएम और बीईओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुसाइड नोट के हवाले से कहा जा रहा है कि एसआईआर (SIR) के काम का ज्यादा दबाव और बेटी की शादी के लिए छुट्टी न दिए जाने से परेशान होकर उन्होंने कथित तौर पर फांसी लगा ली है.
बेटी की शादी की चल रही थी तैयारी
अखिलेश कुमार के घर में इन दिनों खुशियों का माहौल था. आगामी 8 मार्च को उनकी बेटी दिव्यांशी की शादी होनी तय थी जिसके कार्ड भी बांटे जा चुके थे. शनिवार को स्कूल की छुट्टी के बाद जब बच्चे घर चले गए तब अखिलेश स्कूल में ही रुक गए थे. बाद में ग्रामीणों ने खिड़की से उनकी बॉडी फंदे से लटकी देखी. परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने मौत की घोषणा कर दी.
परिजनों ने की ये मांग
घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया. उनकी मांग है कि सुसाइड नोट में नामित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. मौके पर एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एएसपी महेंद्र पाल सिंह और सीओ सहित भारी पुलिस बल ने पहुंचकर परिजनों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया हैय
इस संवेदनशील मामले में फिलहाल उच्चाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह के स्टेनो के अनुसार, डीएम इस समय मुख्यमंत्री की बैठक में व्यस्त हैं. एएसपी महेंद्र पाल सिंह का कहना है कि परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
ADVERTISEMENT









