Muzaffarnagar-Haridwar Corridor: उत्तर प्रदेश में रफ्तार और आधुनिक सफर के एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है. मुजफ्फरनगर से धर्मनगरी हरिद्वार के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर को सीएम योगी ने हरी झंडी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की एएआर (अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट) और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराने के लिए मंजूरी दे दी है.
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इस फैसले के बाद अब मुजफ्फरनगर और हरिद्वार के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने का रास्ता साफ हो गया है. प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा.
व्यापार से लेकर पर्यटन तक को मिलेगा नया बूस्ट
कपिल देव अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार आरआरटीएस कॉरिडोर सिर्फ एक रेल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह इस पूरे इलाके के विकास को एक नई रफ्तार देगा. रैपिड रेल शुरू होने से मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों के लोगों का सफर न सिर्फ बेहद तेज होगा, बल्कि सुरक्षित और आरामदायक भी हो जाएगा.
इस कॉरिडोर के बनने से कई क्षेत्रों को सीधा फायदा पहुंचेगा
- दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा.
- छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़े शहरों तक रोजाना आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा.
- हरिद्वार आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम से मुक्ति मिलेगी और सफर का समय आधा रह जाएगा.
यूपी में बढ़ रहा है आधुनिक ट्रांसपोर्ट का जाल
इस कॉरिडोर को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है. मंत्री कपिल देव अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है. मुजफ्फरनगर-हरिद्वार रैपिड रेल प्रोजेक्ट इसी दिशा में बढ़ाया गया एक बड़ा कदम है, जो इलाके में नए निवेश और रोजगार के रास्ते खोलेगा.
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