यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक, सामाजिक और चर्चित खबरों का एक सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक की तीन बड़ी खबरों में सबसे पहले बात करेंगे प्रयागराज महाकुंभ से रातों-रात मशहूर हुई 'मोनालिसा' और उनके पति फरमान की, जिनकी केरल में हुई शादी पर अब लव जिहाद के आरोप लग रहे हैं. इस विवाद का सीधा कनेक्शन यूपी के बागपत से जुड़ रहा है. दूसरी अहम खबर अंसारी परिवार से जुड़ी है, जहां मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई को अदालत से बड़ी राहत मिली है और उनकी जब्त की गई 23 दुकानें मुक्त करने के आदेश दिए गए हैं. तीसरी बड़ी खबर में हम अफजाल अंसारी के उस दावे का विश्लेषण करेंगे जिसमें उन्होंने अपनी हर एक इंच जमीन वापस लेने की बात कही थी.
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महाकुंभ फेम 'मोनालिसा' की शादी पर बवाल, कौन है बागपत का फरमान?
महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए अपनी आंखों की खूबसूरती से इंटरनेट पर सनसनी मचाने वाली मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनकी केरल के एक मंदिर में हुई शादी है. सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें वायरल होते ही 'लव जिहाद' की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
क्या है फरमान का यूपी कनेक्शन?
मोनालिसा ने जिससे शादी की है, उसका नाम फरमान है. फरमान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के पलड़ा गांव का रहने वाला है और एक मुस्लिम जाट परिवार से ताल्लुक रखता है. फरमान के पिता इस शादी से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि यह पीढ़ियों का रिश्ता होता है और फरमान ने दूसरे धर्म में शादी कर गलत किया है. फरमान पिछले 13 साल से दिल्ली और मुंबई में रहकर एक्टिंग और फिल्मों से जुड़ा काम कर रहा है.
लव जिहाद या प्यार?
फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने मोनालिसा की शादी को 'लव जिहाद' करार देते हुए दावा किया है कि उसे ट्रैप किया गया है. दूसरी ओर, केरल में मौजूद इस जोड़े का कहना है कि उन्होंने अंतर-धार्मिक शादी की है और दोनों ने अपना-अपना धर्म नहीं बदला है. मोनालिसा का दावा है कि उनका परिवार उनके साथ है, जबकि कुछ रिपोर्टों में परिवार की नाराजगी की बात सामने आ रही है.
अंसारी परिवार को बड़ी अदालती राहत, 23 दुकानें होंगी मुक्त
गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए राहत की खबर आई है. गाजीपुर में जिला प्रशासन द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों के मामले में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है.
मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनकी 23 दुकानों और जमीन को कुर्क किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है. सरकार को इन दुकानों को तत्काल मुक्त करने का आदेश दिया गया है. अंसारी परिवार का लंबे समय से यह पक्ष रहा है कि प्रशासन ने उनकी वैध संपत्तियों को भी गलत तरीके से कुर्क किया है.
एक-एक इंच जमीन वापस लेंगे: अफजाल अंसारी का पुराना दावा हुआ सच!
अंसारी परिवार की संपत्तियों पर सरकार के बुलडोजर और कुर्की की कार्रवाई के बीच अफजाल अंसारी का एक पुराना बयान अब चर्चा में है. अफजाल अंसारी ने यूपी तक से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा था कि सत्ता की मशीनरी का दुरुपयोग कर उनकी जमीनें छीनी गई हैं.
अफजाल ने दावा किया था कि, "हम कानून के रास्ते से अपनी एक-एक इंच जमीन और संपत्ति वापस छुड़ा लेंगे." अदालत के ताजा फैसले ने अफजाल के इस दावे को मजबूती दी है. हालांकि, लखनऊ और अन्य जगहों पर उनकी कई संपत्तियां अब भी शत्रु संपत्ति और निष्क्रांत संपत्ति के रूप में सरकारी नियंत्रण में हैं, जिन्हें वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी है.
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