UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 'समावेशी विकास' की नीति अब जमीन पर रंग लाती दिख रही है. प्रदेश के उन गरीब परिवारों और भूमिहीन किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जिनके पास न तो खेती के लिए जमीन थी और न ही रहने के लिए घर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत राजस्व विभाग ने राज्य में बड़े पैमाने पर भूमि सुधार कार्यक्रम चलाकर भूमिहीन किसानों को कृषि भूमि और आवास स्थल (प्लॉट) आवंटित करने का लक्ष्य लगभग 70 फीसदी तक पूरा कर लिया है.
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1076 किसानों को मिली 'खेती की सौगात'
राजस्व विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया है. अब तक 1076 भूमिहीन और सीमांत किसानों को खेती के लिए जमीन दी जा चुकी है. इन किसानों के बीच कुल 151.80 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि का आवंटन किया गया है. विभाग ने कृषि भूमि आवंटन के मामले में 69.16 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है.
3754 परिवारों को मिला सिर पर छत का अधिकार
सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि रहने के लिए घर बनाने हेतु भी सरकार ने गरीबों को जमीन उपलब्ध कराई है. विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 3754 परिवारों को आवास स्थल आवंटित किए हैं. यह संख्या निर्धारित लक्ष्य का 70.90 प्रतिशत है. सरकार की इस योजना से उन परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिला है जो गरीबी रेखा (BPL) के नीचे जीवन यापन कर रहे थे.
किन लोगों को मिल रही है प्राथमिकता?
योगी सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है. आवंटन प्रक्रिया में निम्नलिखित श्रेणियों को वरीयता दी जा रही है:
अनुसूचित जाति (SC)
अनुसूचित जनजाति (ST)
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
अल्पभूमि धारक और सीमांत किसान
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्टर डोज
इस कदम से न केवल भूमि का न्यायोचित वितरण हो रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है. जब भूमिहीन किसान के पास अपनी जमीन होती है, तो उसकी आजीविका में स्थिरता आती है और राज्य के कुल कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
कैसे होता है आवंटन?
राजस्व विभाग के माध्यम से ग्राम सभा की जमीन को चिन्हित किया जाता है. इसके बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर उन्हें नियमानुसार कृषि या आवास के लिए पट्टा (आवंटन) जारी किया जाता है. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है और सीधे जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है. अगर आप भी भूमिहीन हैं या आपके पास बहुत कम जमीन है, तो आप अपने क्षेत्र के लेखपाल या तहसील कार्यालय में संपर्क कर इस योजना की पात्रता और आगामी आवंटन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं.
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