यूपी में शिक्षा मित्रों का मानदेय 18000 और अनुदेशकों का 17000 करने पर लगी मुहर, कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलेरी

UP Cabinet Update: यूपी कैबिनेट ने शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये कर दिया है. 1 मई से लागू होगा नया मानदेय. जानें शिक्षा मित्र और अनुदेशक कौन होते हैं.

UP Cabinet Update

समर्थ श्रीवास्तव

07 Apr 2026 (अपडेटेड: 07 Apr 2026, 01:51 PM)

follow google news

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस बैठक का सबसे बड़ा निर्णय प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के हित में लिया गया है. सरकार ने इनके मानदेय में लगभग दो गुना वृद्धि करने का फैसला किया है.

यह भी पढ़ें...

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 18 हजार रुपये कर दिया गया है. वहीं, अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है. यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई 2026 से लागू होगा. इस फैसले के बाद शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.

शिक्षा मित्र कौन होते हैं और उनका क्या काम है?

उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्र प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नियुक्त किए गए संविदा कर्मी हैं. इनकी नियुक्ति मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साल 1999-2000 के आसपास शुरू की गई थी. शिक्षा मित्रों का मुख्य काम प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में बच्चों को पढ़ाना और विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करना है. वे नियमित शिक्षकों की अनुपस्थिति में पूरी कक्षा का संचालन करते हैं. साथ ही नामांकन बढ़ाने से लेकर मिड-डे मील जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 

अंशकालिक अनुदेशक कौन होते हैं और उनका क्या काम है?

अंशकालिक अनुदेशक (Part-time Instructors) मुख्य रूप से उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) में विशेष विषयों की शिक्षा देने के लिए नियुक्त किए जाते हैं. इन्हें सर्व शिक्षा अभियान के तहत कला, शारीरिक शिक्षा, और कार्य शिक्षा (जैसे कंप्यूटर या कृषि) जैसे कौशल-आधारित विषयों के लिए रखा गया था. इनका मुख्य काम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें खेल-कूद और तकनीकी शिक्षा में निपुण बनाना है. अनुदेशक पूर्णकालिक शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे सप्ताह में निर्धारित घंटों के लिए विद्यालय में अपनी सेवाएं देते हैं. इनका चयन विषय-विशेष की योग्यता के आधार पर संविदा पर किया जाता है.

कैबिनेट बैठक में और फैसले लिए गए?

परिवहन विभाग के अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

49 नए बस अड्डे: पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। ये बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।

जमीन का आवंटन: हाथरस (सिकन्दराराऊ), बुलंदशहर (डिबाई) और बलरामपुर (तुलसीपुर) में नए बस अड्डों के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।