प्रतापगढ़ में घूस ले रहे थे मत्स्य पालन अफसर विकास कुमार, दोनों हाथ पकड़कर उठा लिए गए

सुनील यादव

30 Oct 2025 (अपडेटेड: 30 Oct 2025, 05:09 PM)

Pratapgarh Crime News: प्रतापगढ़ में 14 हजार घूस लेने के आरोप में जिला मत्स्य पालन विकास अभिकरण अधिकारी विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया है. जानें वो घूस क्यों मांग रहे थे?

Vikas Kumar

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Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. आरोप है कि यहां जिला मत्स्य पालन विकास अभिकरण अधिकारी विकास कुमार 14 हजार रुपये की घूस ले रहे थे. प्रयागराज की विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है. जानकारी मिली है कि विजिलेंस की टीम आरोपी विकास कुमार को प्रयागराज ले गई है. 

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क्यों मांगी थी विकास कुमार ने रिश्वत?

बताया जा रहा है कि फाइल पास करने के नाम पर जिला मत्स्य पालन विकास अभिकरण अधिकारी विकास कुमार ने 14 हजार रुपये की घूस मांगी थी. लेकिन अब वह बुरे फंस गए हैं. विकास भवन स्थित उनके दफ्तर से विजिलेंस की टीम ने विकास कुमार को अरेस्ट किया है. गिरफ्तारी के बाद विधिक कार्रवाई में टीम जुट गई है. 

यहां देखें गिरफ्तारी के वक्त का वीडियो

ऊपर वीडियो में देखा जा सकता है कि जब टीम विकास कुमार को रंगे हाथों पकड़ने गई थी तब वह अपने कमरे में कुर्सी पर बैठे थे. इसके बाद विजिलेंस टीम में शामिल लोगों ने विकास कुमार के दोनों हाथों को पकड़ते हुए उठाया और गाड़ी में ले जाकर बैठा दिया. विकास कुमार को अब प्रयागराज ले जाया गया है. 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अगर कोई अधिकारी घूस लेते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 एक सख्त कानून है जिसका उद्देश्य लोक सेवकों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार को रोकना है. इस अधिनियम के तहत, घूस लेने वाले लोक सेवक के लिए कठोर दंड का प्रावधान है. दोष सिद्ध होने पर, घूस लेने वाले अधिकारी को तीन से सात साल तक की कैद हो सकती है. 

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