UP Police Alert: सफर के दौरान अक्सर हमारे फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है. फिर हम फोन चार्ज करने के लिए रेलवे स्टेशन, मॉल या किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर लगे फ्री यूएसबी चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. यह सुविधा उस समय तो बड़ी अच्छी लगती है, लेकिन क्या आपने सोचा है. यह मुफ्त की चार्जिंग वाली व्यवस्था आपके लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकती है.
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उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसी फ्री यूएसबी चार्जिंग पोर्ट की व्यवस्था को लेकर आम जनता को अलर्ट किया है. यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर की सब इंस्पेक्टर निशा ने बताया है कि साइबर अपराधी इन सार्वजनिक चार्जिंग पोर्ट के जरिए लोगों के फोन का निजी डेटा चुरा रहे हैं. साइबर ठगी के इस नए तरीके को 'जूस जैकिंग' (Juice Jacking) कहा जाता है. पुलिस ने लोगों को चेताया है कि फोन की बैटरी तो दोबारा चार्ज हो सकती है, लेकिन एक बार चोरी हुआ डेटा वापस मिलना बहुत मुश्किल है.
क्या है 'जूस जैकिंग' का खतरा?
यूपी पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी सार्वजनिक स्थानों पर लगे यूएसबी पोर्ट या वहां मौजूद केबल के साथ चालाकी से छेड़छाड़ कर देते हैं. जब कोई अनजान व्यक्ति अपना फोन चार्ज करने के इन फ्री यूएसबी चार्जिंग पोर्ट से जोड़ता है, तो अपराधी आसानी से फोन का सारा कीमती और निजी डेटा चुरा लेते हैं. हालांकि, हर पब्लिक चार्जिंग पॉइंट पर यह खतरनाक नहीं होता है, लेकिन अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.
जूस जैकिंग से कैसे बचें?
यूपी पुलिस का कहना है कि हर पब्लिक चार्जिंग पॉइंट जूस जैकिंग का खतरनाक नहीं होता है, लेकिन फिर भी अपनी सुरक्षा के लिए आपको ये जरूरी सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए.
- सफर के दौरान हमेशा अपना खुद का चार्जर और ओरिजिनल केबल अपने साथ रखें.
- किसी भी अनजान पब्लिक यूएसबी पोर्ट में अपना फोन चार्ज करने से पूरी तरह बचें.
- सुरक्षित और आसान चार्जिंग के लिए हमेशा अपने पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें.
- अगर पब्लिक केबल लगाते ही फोन की स्क्रीन पर 'डेटा ट्रांसफर' की अनुमति (परमिशन) मांगे, तो उसे भूलकर भी ओके न करें.
सफर के दौरान कैसे करें फोन चार्ज
जूस जैकिंग से बचने के लिए यूपी पुलिस ने सलाह दी है कि हमेशा अपना खुद का चार्जर और केबल का इस्तेमाल करके फोन चार्ज करना है. इसके अलावा सफर के दौरान फोन चार्ज करने के लिए चार्जर नहीं है तो पावर बैंक का इस्तेमाल करके फोन चार्ज करना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका है. इसके साथ ही, किसी भी अनजान और सार्वजनिक यूएसबी पोर्ट में अपना फोन लगाने से हमेशा बचना चाहीए, ताकि आपका फोन और उसका डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहे.
डेटा ट्रांसफर की अनुमति न दें
जब भी आप अपना फोन किसी जगह चार्जिंग पर लगाते हैं, तो कई बार फोन की स्क्रीन पर डेटा ट्रांसफर करने का एक मैसेज आ जाता है. यूपी पुलिस की सख्त हिदायत है कि चार्जिंग के दौरान किसी भी कीमत पर फोन में 'डेटा ट्रांसफर' की अनुमति (Permission) नहीं देनी है. अगर इन सबके बावजूद आपके साथ कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत मदद के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें.
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