लखनऊ में घर और प्लॉट की तलाश कर रहे लोगों के लिए दो बड़ी आवासीय योजनाओं की शुरुआत हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगरा एक्सप्रेसवे के पास ग्राम दोना में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वरुण विहार और नैमिष नगर योजनाओं का भूमिपूजन किया.
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इन दोनों योजनाओं पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. ये योजनाएं 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएंगी. कार्यक्रम के दौरान 4,520 भूखंडों के पंजीकरण की शुरुआत भी की गई. इसके अलावा 2,166 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ.
10 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा घर का विकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि वरुण विहार योजना 6,500 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में विकसित होगी. इससे करीब 6 लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिलने की बात कही गई है.
वहीं, करीब 4,100 एकड़ में नैमिष नगर योजना विकसित की जाएगी. इसमें करीब 4 लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी. दोनों योजनाओं को मिलाकर 10 लाख से ज्यादा लोगों के लिए आवास की व्यवस्था होगी.
योगी ने कहा कि लखनऊ और सीतापुर की सीमा से जुड़े क्षेत्र में नैमिष नगर योजना लाई गई है. इसका नाम नैमिषारण्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है.
4520 प्लॉट का पंजीकरण शुरू
कार्यक्रम में 4,520 भूखंडों के पंजीकरण की शुरुआत की गई. इसके साथ ही पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास भी किया गया. इनमें लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वॉयर, अनंत नगर योजना का अदिति अपार्टमेंट और शारदा नगर विस्तार का वागेश्वरी अपार्टमेंट शामिल हैं. इन पांच परियोजनाओं पर कुल 2,166 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया.
वरुण विहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरुण विहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी दी जाएगी. लखनऊ और सीतापुर के बीच फोरलेन कनेक्टिविटी भी होगी. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में किसानों और LDA के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होगा. जिस किसान की जमीन योजना में आएगी, उसे मुआवजा सीधे दिया जाएगा.
बिना प्लानिंग के जमीन खरीदने पर होती थी परेशानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग अलग-अलग जगह जमीन खरीद लेते थे, लेकिन वहां सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं नहीं होती थीं. जलभराव के कारण लोगों को परेशानी होती थी.
उन्होंने कहा कि जमीन को लेकर दबंग या गुंडे की दखल भी समस्या बन सकती थी. उनके मुताबिक, बिना योजना के किया गया विकास बाद में परेशानी पैदा करता है. बढ़ती आबादी को देखते हुए लखनऊ में योजनाबद्ध तरीके से शहरी विकास जरूरी है.
लखनऊ में बढ़ रही कनेक्टिविटी
योगी ने कहा कि लखनऊ अब शिक्षा, हेल्थकेयर, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और एआई सिटी जैसी परियोजनाओं का काम चल रहा है.
उन्होंने टाटा ऑटोमोबाइल और अशोका लीलैंड के ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भी जिक्र किया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, लखनऊ से आगरा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दूसरे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी सुधार हुआ है.
लखनऊ के साथ आसपास के जिलों का भी विकास
मुख्यमंत्री ने स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) का भी जिक्र किया. इसके तहत लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली के क्षेत्रीय विकास की योजना बनाई जा रही है. इन जिलों में पब्लिक मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन और कनेक्टिविटी को बेहतर करने का काम चल रहा है.
किसानों को सीधे खाते में मिला मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन देने वाले किसानों को मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा गया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मुनिश्वर सिंह को 3.13 करोड़ रुपये, रमदेई को 2.05 करोड़ रुपये, कमलेश कुमार को 2.80 करोड़ रुपये, सुषमा सिंह को 2.90 करोड़ रुपये और ओमप्रकाश अवस्थी को 1.96 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन किसानों ने मुआवजे की रकम से दूसरी जगह जमीन खरीदी. ओमप्रकाश अवस्थी ने 16 बीघा जमीन खरीदने के बाद बाकी रकम बैंक में एफडी कर दी. नमरा फातिमा ने भी मुआवजे से जमीन खरीदी और मेडिकल की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित रखे. योगी ने किसानों से कहा कि मुआवजे की रकम मिलने के बाद उसे सिर्फ वाहन खरीदने में खर्च करने के बजाय जमीन या उद्योग में लगाने पर विचार करें.
हर आय वर्ग के लिए आवास की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर आय वर्ग के लोगों को आवास की सुविधा देना है. इन योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग और प्लॉट जैसी सुविधाएं शामिल हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 12 वर्षों में 4 करोड़ गरीबों को प्रधानमंत्री आवास मिले हैं.
योगी ने कहा कि पिछले साल 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को आगे बढ़ाया गया था. अब 10 हजार एकड़ में वरुण विहार और नैमिष नगर जैसी बड़ी आवासीय योजनाएं आकार ले रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के शहर के रूप में विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि शहर में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट और मेट्रो का विस्तार हो रहा है. कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौर की तुलना में अब लखनऊ में कट्टा-बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है.
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