सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, 3 दिन बाद यूपी की सड़कों पर दौड़ेंगी 10 रुपये किराए वाली 110 शानदार बसें!

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है. 15 जून से 110 एसी इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य है.

UP Tak

आयशा शेख़

12 Jun 2026 (अपडेटेड: 12 Jun 2026, 01:41 PM)

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UP Electric Bus: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जून 2026 को लखनऊ से वर्चुअली नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन किया और यूपीएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई. ये कदम नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में बेहतर सार्वजनिक परिवहन की तैयारी है, खासकर 15 जून को जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने से पहले. 

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इसके साथ ही सीएम योगी ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र के लिए एक बड़े हाई-टेक ट्रांसपोर्ट प्लान का ऐलान किया है. सीएम योगी ने बताया कि इन क्षेत्रों को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. मेट्रो के बाद अब इलेक्ट्रिक बसें कनेक्टिविटी मजबूत करेंगी.

15 जून से चलेंगी 110 बसें, लक्ष्य 500 का

परिवहन के इस नए मॉडल को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बसों की संख्या को लेकर एक स्पष्ट टारगेट तय किया है. आगामी 15 जून तक तीनों अथॉरिटी (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी) के सहयोग से कुल 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सड़कों पर शुरू कर दिया जाएगा.

आने वाले समय में इस बेड़े का और ज्यादा विस्तार किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में कुल 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है. नोएडा को सबसे ज्यादा 55 बसें मिलेंगी. बसें बॉटेनिकल गार्डन डिपो से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर एयरपोर्ट, सूरजपुर और अन्य इलाकों को जोड़ेंगी. ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में भी अलग-अलग रूट्स पर सेवाएं शुरू होंगी.

क्यों खास है यह पहल?

यूपी सरकार का ये फैसला न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद करेगा, बल्कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों वर्किंग प्रोफेशनल्स और हवाई यात्रियों को एक सस्ता, आरामदायक और सुरक्षित सफर भी देगा.

किराया बेहद किफायती

इन सभी बसों को अत्याधुनिक और पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है ताकि चिलचिलाती गर्मी में भी सफर आरामदायक रहे. सबसे अच्छी बात ये है कि पर्यावरण को बचाने वाली इन हाई-टेक बसों का किराया आम जनता की जेब को ध्यान में रखकर तय किया गया है.

  • न्यूनतम किराया: ₹10 से ₹20
  • अधिकतम किराया: ₹50

उत्तर प्रदेश सरकार का ये कदम राज्य में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी शुरुआत है. इससे न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण से राहत मिलेगी, बल्कि लाखों वर्किंग प्रोफेशनल्स और हवाई यात्रियों का सफर बेहद सस्ता और सुगम हो जाएगा.

प्रदूषण कम, सस्ता और आरामदायक सफर 

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन बुनियादी ढांचे को तेजी से बढ़ाया जा रहा है, ताकि लोग सस्ते और साफ-सुथरे परिवहन का फायदा उठा सकें. ये पहल उत्तर प्रदेश सरकार की हरित गतिशीलता और बेहतर शहरी कनेक्टिविटी की दिशा में एक ठोस कदम है.

ग्लोबल कंपनियों का हब बने ये क्षेत्र

सीएम योगी ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी अब सिर्फ आम शहर नहीं रह गए हैं, बल्कि ये आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर जैसे बड़े और आधुनिक उद्योगों के ग्लोबल केंद्र बनकर उभरे हैं. इन क्षेत्रों की तेजी से बढ़ती ताकत को देखते हुए यहां के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी वर्ल्ड-क्लास बनाना जरूरी हो गया है.

पर्यावरण को ध्यान में रखकर फैसला

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में दुनिया भर की नामी कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रदूषण मुक्त माहौल और ट्रांसपोर्ट समय की मांग है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले कुछ रूटों पर मेट्रो चलाई और अब बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी की है.

एयरपोर्ट के लिए मिलेगी 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी'

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले लोगों के लिए ये बसें बेहद मददगार साबित होंगी. सीएम योगी ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' यानी सीधे अपनी मंजिल तक बिना किसी परेशानी के पहुंचने के लिए ये इलेक्ट्रिक बसें एक मील का पत्थर साबित होंगी. इससे यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी.