चांदनी कुरैशी ने पूरा घर बर्बाद कर दिया... बेटा आयुष बना मोहम्मद तो भावुक होकर पिता ने कह दी रुला देने वाली बात

Shamli Ayush Malik News: उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली के धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा. पिता देवराज मलिक ने चांदनी कुरैशी पर घर बर्बाद करने का आरोप लगाया, वहीं एसपी शामली ने बताया कि पाकिस्तानी धर्मगुरु डॉ. इसरार अहमद के वीडियो से युवक का ब्रेनवॉश कर प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश रची गई थी.

Shamli Ayush Malik Case

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अरविंद ओझा

• 12:01 PM • 09 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आया एक सनसनीखेज मामला लगातार चर्चा के केंद्र में है. आरोप है कि यहां   आयुष मलिक नामक युवक का धर्म परिवर्तन कराकर उसे मोहम्मद अली बनाया गया और उसके जरिए परिवार की संपत्ति हड़पने की गहरी साजिश रची गई. इस पूरे मामले में पीड़ित पिता देवराज मलिक के गंभीर आरोपों के बाद जब शामली पुलिस ने जांच शुरू की, तो इसमें पाकिस्तान के एक ऑनलाइन धर्मगुरु का कनेक्शन और एक सुनियोजित गैंग का हाथ होने की बात सामने आई है. पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है. 

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दाढ़ी रखने और पैसों की मांग से हुआ शक, पूरा घर बर्बाद कर दिया: पीड़ित पिता

पिता ने बताया कि जब उन्होंने FIR दर्ज कराई, तब उन्हें पता चला कि उनके बेटे का नाम अब कोई मोहम्मद अली, कोई रहमान तो कोई कुर्बान बता रहा है. उनके लिए वह आयुष मलिक ही है. पिता का आरोप है कि चांदनी कुरैशी नाम की लड़की ने उनके बेटे को प्रेम जाल में फंसाया. इसके बाद मौलवियों और अंतरराज्यीय स्तर पर काम कर रहे बाहरी लोगों ने मिलकर उसका पूरी तरह ब्रेनवॉश कर दिया. चांदनी के पिता शामली में ठेले पर जूस बेचते हैं, लेकिन उनकी नजर उनके संपन्न परिवार की संपत्ति पर थी क्योंकि आयुष के पास नाम, काम और दाम सब पर्याप्त मात्रा में है,

पिता के अनुसार, जनवरी के आखिरी सप्ताह में जब आयुष ने दाढ़ी रखनी शुरू की और दूसरे पक्ष की तरफ से अचानक पैसों की मांग व प्रॉपर्टी नाम करने का दबाव आने लगा, तब उन्हें इस धर्मांतरण का पता चला. उन्होंने बेटे से बात की, लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुआ और गोलमोल जवाब देने लगा. नमाज पढ़ने और दाढ़ी रखने के वीडियो से धर्मांतरण की बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई. 

'प्रतिभाशाली था बेटा'

पिता ने भारी मन से बताया कि आयुष बचपन से बहुत ही संस्कारी, मेहनती, मिलनसार और ईमानदार था. वह बी-फार्मा पास है और उसका दिमाग आईएसपीसीएस के बराबर सक्षम है, लेकिन चांदनी कुरैशी ने प्रॉपर्टी के चक्कर में उनका पूरा घर बर्बाद कर दिया. पिता ने शामली के पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और कोतवाल के सहयोग के लिए आभार जताया.

'पाकिस्तानी धर्मगुरु डॉ. इसरार के वीडियो से प्रभावित हुआ आयुष, मकसद था सिर्फ प्रॉपर्टी' 

मामले की गंभीरता को देखते हुए शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस जांच और इसमें सामने आए तथ्यों की विस्तृत जानकारी दी. एसपी शामली ने बताया कि देवराज मलिक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है. चांदनी के परिवार ने पिछले सप्ताह पीड़ित परिवार से क्लेम किया था कि चूंकि उनकी बेटी का निकाह आयुष से हो चुका है, इसलिए संपत्ति में उनका हिस्सा बनता है. उन्होंने पूरी प्रॉपर्टी बेटी के नाम करने और खुद भी उनके धर्म में शामिल होने का दबाव बनाया था, जिसके बाद पीड़ित पिता ने शिकायत दर्ज कराई. लड़की पक्ष द्वारा किया जा रहा निकाहनामे का दावा फर्जी भी हो सकता है. 

जिम और पाकिस्तानी कनेक्शन 

पुलिस जांच में सामने आया कि आयुष बहुत ही होनहार छात्र रहा है और उसने शामली के अच्छे स्कूल से पढ़ाई की। आरोपी चांदनी पहले जिम ट्रेनर रही है. जब आयुष जिम जाता था, तब वह उसके प्रभाव में आया. इसके बाद वह यूट्यूब पर पाकिस्तान के धर्मगुरु डॉ. इसरार अहमद के वीडियो देखने लगा, जिसका काम ही अन्य धर्म के लोगों को इस्लाम में दीक्षित (कन्वर्ट) करना है. आयुष उनके वीडियो से प्रभावित होकर उनके टच में भी आया है. 

आरोपियों का दंगा कनेक्शन

आरोपी परिवार के आपराधिक इतिहास को लेकर एसपी ने बताया कि लड़की के पिता का तो इतिहास नहीं है, लेकिन उसके मामा और चाचा पहले जेल जा चुके हैं. साल 2013-14 में हुए मुजफ्फरनगर-शामली दंगों में भी इस एक्सटेंडेड फैमिली की भूमिका रही है, जिसकी पूरी रिपोर्ट निकाली जा रही है. 

दिल्ली की मस्जिद में हुआ था निकाह, मौलाना भी रडार पर

पुलिस कप्तान के अनुसार, जांच में यह बात भी सामने आई है कि आयुष का धर्म परिवर्तन और निकाह दिल्ली के पास स्थित किसी मस्जिद में कराया गया था. आयुष पूरी तरह से दीक्षित और ब्रेनवॉश हो चुका है, इसलिए वह अभी न तो उस मस्जिद का नाम स्पष्ट कर रहा है और ना ही मौलाना का नाम बता रहा है. वह कह रहा है कि जो कार्रवाई करनी है उस पर की जाए. 

शामली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को माने, उससे पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह सब लालच और लोभ देकर नहीं होना चाहिए. इस मामले में प्रॉपर्टी के लालच में दबाव बनाने के कोण पर पुलिस की जांच पूरी गहराई से चल रही है.