ASP Anuj Chaudhary help Rajpal Yadav: अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ASP अनुज चौधरी का नाम एक बार फिर से चर्चा में है. तिहाड़ जेल में सजा काट रहे मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव की मदद के लिए ASP अनुज चौधरी सामने आए हैं.फिरोजाबाद जिले के ASP अनुज चौधरी ने राजपाल यादव के लिए 51 हजार रुपये देने का ऐलान किया है. इसकी जानकारी खुद अनुज चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दी है. खास बात यह है कि एएसपी यह रकम किसी फंड से नहीं बल्कि अपनी सैलरी से देंगे.
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'उनसे अच्छा कलाकार कोई नहीं'
राजपाल यादव की प्रशंसा करते हुए एएसपी अनुज चौधरी ने कहा कि वह अभिनेता के बड़े प्रशंसक हैं. 'मैंने राजपाल यादव की कई फिल्में देखी हैं और मुझे उनसे अच्छा कलाकार कोई नहीं लगता. एक कलाकार के तौर पर मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं और उनकी इस कठिन परिस्थिति को देखते हुए अपनी सैलरी से 51 हजार रुपये की मदद देना चाहता हूं.'
सितारों का भी मिल रहा है साथ
करोड़ों रुपये का कर्ज न चुका पाने के कारण जेल में बंद राजपाल यादव की मदद के लिए बॉलीवुड के कई बड़े नाम भी आगे आए हैं. खबरों के मुताबिक, सोनू सूद और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे अभिनेताओं ने भी राजपाल यादव को इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहयोग देने की बात कही है. एक तरफ जहां मदद के हाथ बढ़ रहे हैं वहीं कानूनी मोर्चे पर राजपाल यादव को बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई हुई.लेकिन अदालत ने उन्हें कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया.
आखिर क्यों जेल गए राजपाल यादव?
राजपाल यादव ने गुरुवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया. यह मामला 2010 का है जब उन्होंने अपनी फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और राजपाल कर्ज नहीं चुका पाए. ब्याज बढ़ते-बढ़ते यह रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
'यहां हम सब अकेले हैं... कोई दोस्त नहीं है'
सरेंडर करने से ठीक पहले 54 वर्षीय अभिनेता काफी भावुक हो गए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा "सर क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और कोई दूसरा रास्ता भी नहीं दिख रहा." जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म इंडस्ट्री से किसी दोस्त ने मदद की? तो उन्होंने रूआंसे होकर कहा, "सर, यहां हम सब अकेले हैं. कोई दोस्त नहीं है, मुझे इस संकट से खुद ही लड़ना होगा."
राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट से फंड जुटाने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून के सामने हर कोई बराबर है, चाहे वह किसी भी प्रोफेशन या इंडस्ट्री से हो.
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