UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने बजट 2026-27 में खेलों के क्षेत्र में 'नव निर्माण के नौ वर्ष' के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक रोडमैप पेश किया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदान करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. सरकार का सीधा लक्ष्य वर्ष 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को तैयार करना है.
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हर मंडल में बनेगा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'
योगी सरकार ने प्रदेश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए अब प्रत्येक मंडल में एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया है. इन कॉलेजों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सके. इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
फिलहाल प्रदेश में केवल तीन स्पोर्ट्स कॉलेज (लखनऊ, गोरखपुर और सैफई) हैं, जिनकी संख्या अब इस योजना के बाद काफी बढ़ जाएगी. खेलों को गांव-गांव और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है. इसके तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों और 80 संसदीय क्षेत्रों में खेल स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी. विधानसभा स्तर पर प्रति क्षेत्र 3 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रति क्षेत्र 10 लाख रुपये का प्रावधान है. इस पूरी स्पर्धा के लिए कुल 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
मेरठ और कानपुर को बड़ी सौगात
मेरठ में बन रहे मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है. नवीन भवन निर्माण और विकास के लिए 80 करोड़, परिसंपत्तियों के सृजन के लिए 30 करोड़ और गतिविधियों के संचालन के लिए 60 करोड़, यानी कुल 170 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसी तरह कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीनपार्क अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उच्चीकरण और आधुनिकीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. इससे स्टेडियम का पुनर्विकास कर उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.
ओलंपिक 2032 और 2036 पर नजर
योगी सरकार का यह बजट पूरी तरह से भविष्योन्मुखी है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन निवेशों का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलंपिक 2032 और 2036 के लिए तैयार करना है. सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेल प्रतिभा का नया केंद्र बनकर उभरे और यहां के खिलाड़ी तिरंगा लहराएं. योगी सरकार के इस बजट से यह साफ है कि प्रदेश में अब केवल सड़कों और उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि 'खेल शक्ति' पर भी ध्यान दिया जा रहा है. स्पोर्ट्स कॉलेजों का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का विकास यूपी के युवाओं के लिए सुनहरे अवसर पैदा करेगा.
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