UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किए गए इस बजट में आध्यात्मिक पर्यटन पर सबसे बड़ा दांव खेला गया है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए सरकार ने अयोध्या, काशी, मथुरा और मीरजापुर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के लिए विशेष आवंटन किए हैं.
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आइए जानते हैं कि इस बजट में यूपी के प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास के लिए क्या-क्या खास घोषणाएं की गई हैं.
1. अयोध्या: 'राम पथ' का काम अंतिम चरण में, वैदिक सिटी को मिलेगी नई राह
अयोध्या के कायाकल्प के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है. 'उत्तर प्रदेश श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद' को पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए 150 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. राम मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग 'राम पथ' का निर्माण कार्य अब पूर्ण होने के करीब है. जमथरा में प्रस्तावित 'वैदिक वेलनेस सिटी' को राम जन्मभूमि मंदिर से जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है.
2. मीरजापुर: विंध्यवासिनी धाम के लिए 200 करोड़ का बड़ा फंड
मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां काली खोह मंदिरों के त्रिकोणीय क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी है. सरकार ने 'त्रिकोणिया क्षेत्र' में परिक्रमा पथ और जन सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है. संरक्षित मंदिरों के पुनर्निर्माण और जनोपयोगी सुविधाओं के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. विंध्यवासिनी देवी धाम में पर्यटक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान है.
3. काशी और मथुरा: विकास को मिलेगी नई रफ्तार
वाराणसी में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. बजट में जानकारी दी गई कि काशी में 'वैदिक विज्ञान केंद्र' के पहले और दूसरे चरण का काम पूरा हो चुका है और वहां शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं. ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है, ताकि कृष्ण नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें.
4. नैमिषारण्य के लिए भी बड़ा एलान
सीतापुर स्थित नैमिषारण्य तीर्थ के लिए सरकार ने 'श्री नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद' के माध्यम से 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. इसका उद्देश्य इस प्राचीन तपोस्थली को एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है. प्रदेश भर के छोटे और मझोले पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना' के तहत 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है. इससे प्रदेश के हर जिले में स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को नया जीवन मिलेगा.
यूपी में बढ़ा पर्यटन: चौंकाने वाले आंकड़े
बजट भाषण के दौरान सरकार ने राज्य में पर्यटन के बढ़ते ग्राफ को भी पेश किया. जनवरी से जून 2025 के बीच करीब 122 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश का दौरा किया. इसमें 121 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक थे, जबकि 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों ने यूपी की संस्कृति को करीब से देखा.
बजट 2026-27 साफ तौर पर यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अपनी अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन बनाने के लक्ष्य में धार्मिक अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मानकर चल रहा है. बुनियादी सुविधाओं और सड़क कनेक्टिविटी पर निवेश से न केवल श्रद्धालुओं को आसानी होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे.
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