बस्ती के दरोगा अजय गोंड की सरयू नदी में मिली थी लाश, उनके भाई ADM अरुण के इन सवालों से मचा हड़कंप

UP News: यूपी के दरोगा अजय गौंड की संदिग्ध मौत मामले में अनके एडीएम भाई ने बस्ती पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. सीसीटीवी फुटेज गायब होने का दावा, सीबीआई जांच की मांग.

ADM Arun Gond

राम प्रताप सिंह

11 Feb 2026 (अपडेटेड: 11 Feb 2026, 03:51 PM)

follow google news

UP News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में तैनात दारोगा अजय गोंड की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है. देवरिया जिले के मुड़ाडीह गांव में तैनात 46 साल के अजय गोंड 5 फरवरी को ड्यूटी पर निकले थे. मगर वह वापस नहीं लौटे. 8 फरवरी को उनकी लाश अयोध्या और बस्ती की सीमा पर सरयू नदी में बरामद हुई. इस घटना के बाद मृतक के छोटे भाई अरुण गौड़ जो फिलहाल झांसी जिले में एडीएम के पद पर तैनात हैं, उन्होंने बस्ती पुलिस बड़े आरोप लगाए हैं. 

यह भी पढ़ें...

क्या हैं अरुण गौड़ के आरोप?

एडीएम अरुण गौड़ का आरोप है कि 6 फरवरी को भाई के लापता होने की सूचना पाकर जब वे बस्ती पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें ढूढने में कोई सहयोग नहीं किया. उन्होंने बताया कि थाने के सीसीटीवी फुटेज में भी उस दिन का रिकॉर्ड नहीं है जिस दिन उनके भाई लापता हुए थे जबकि नियम के अनुसार फुटेज 24 घंटे सुरक्षित रहनी चाहिए. उन्होंने खुद दुकानों और चौकियों के सीसीटीवी खंगाले. अरुण गौड़ ने कहा कि उनके द्वारा इंस्पेक्टर और सीओ से की गई पूछताछ का भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे वे काफी आहत हैं. अब उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्षता के लिए बाहरी पुलिस या सीबीआई जांच की मांग की है. 

देवरिया डीएम दिव्या मित्तल पहुंची मृतक के घर

मृतक दरोगा बस्ती के परशुरामपुर थाना में तैनात थे. 5 फरवरी को वे अपनी पल्सर बाइक से निकले थे. ये बाइक बाद में कोतवाली थाना क्षेत्र की अहमट पुलिस चौकी पर मिली. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन्हें अंतिम बार छावनी थाना क्षेत्र में देखा गया था, जिसके बाद 8 तारीख को उनकी लाश नदी में मिली. बुधवार को देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया. दरोगा अपने तीन भाइयों में मझले थे और पीछे अपनी पत्नी व दो नाबालिग बेटों को छोड़ गए हैं, जो बस्ती में ही रहते थे. 

किसी मुआवजे की जरूरत नहीं है: एडीएम अरुण गौड़

एडीएम अरुण गौड़ ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी मुआवजे की जरूरत नहीं है, बल्कि वे सिर्फ अपने भाई के लिए सम्मान और न्याय चाहते हैं. उन्होंने मांग की है कि जांच उच्च स्तरीय हो ताकि बावर्दी ड्यूटी के दौरान अचानक गायब होने और फिर लाश मिलने की इस मिस्ट्री से पर्दा उठ सके. 

यहां नीचे वीडियो में देखें एडीएम अरुण गौड़ ने क्या-क्या कहा?

ये भी पढ़ें: पुलिस जवान मिथिलेश यादव और धनंजय बिंद ने शोरूम से चुराया मोबाइल? जौनपुर का ये सीन आपको सन्न कर देगा