उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए बड़ा दांव खेला है. सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए 14,997 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है. इस बजट में जहां एक तरफ नए मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर गरीब मरीजों के लिए मुफ्त इलाज और गंभीर बीमारियों पर रिसर्च के लिए भी भारी-भरकम राशि दी गई है.
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जानिए, यूपी के स्वास्थ्य बजट की 8 सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बातें:
1. 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1023 करोड़
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और उनके संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है. वर्तमान में यूपी के 60 जनपदों में 81 मेडिकल कॉलेज (45 सरकारी और 36 निजी) संचालित हैं.
2. 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' का लक्ष्य
यूपी के जिन जनपदों में अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं हैं (असेवित जनपद), वहां सरकार पीपीपी (Public Private Partnership) मॉडल पर कॉलेजों की स्थापना करेगी. लक्ष्य यह है कि प्रदेश के हर जिले में अपना एक मेडिकल कॉलेज हो.
3. गंभीर मरीजों के लिए मुफ्त इलाज: 130 करोड़ रुपये
गरीब और जरूरतमंद मरीजों को असाध्य और गंभीर रोगों के इलाज में राहत देने के लिए सरकार ने 130 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है. इससे महंगे इलाज का बोझ कम होगा और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार निशुल्क मिल सकेगा.
4. कैंसर और एडवांस इलाज पर जोर
लखनऊ कैंसर संस्थान: कैंसर के इलाज और रिसर्च को मजबूती देने के लिए लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान को 315 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
SGPGI लखनऊ: एसजीपीजीआई में क्वार्टनरी हेल्थ केयर सुविधाओं (अति-विशिष्ट सेवाओं) के विस्तार के लिए 359 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
5. वैक्सीन और मेडिकल उपकरणों पर रिसर्च
योगी सरकार अब यूपी को 'मेडिकल रिसर्च हब' बनाने की तैयारी में है. वैक्सीन, दवाओं और मेडिकल उपकरणों के अनुसंधान के लिए कुल 1,500 लाख (15 करोड़) रुपये की व्यवस्था की गई है. इसमें फार्मा सेक्टर के लिए 500 लाख और प्रोत्साहन योजना के लिए 1,000 लाख रुपये शामिल हैं.
6. ट्रॉमा सेंटर का नेटवर्क होगा मजबूत
सड़क हादसों और इमरजेंसी में जान बचाने के लिए 'ट्रॉमा केयर' को प्राथमिकता दी गई है. 5 मेडिकल कॉलेजों (अयोध्या, फिरोजाबाद, हरदोई, चंदौली, देवरिया) में पहले से लेवल-2 ट्रामा सेंटर हैं. शेष 22 मेडिकल कॉलेजों में लेवल-2 ट्रामा सेंटर बनाने के लिए 5,000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.
7. छात्रों के लिए हॉस्टल और अस्पताल की सुविधाएं
सरकार ने मेडिकल छात्रों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा है. केंद्रीय योजनाओं के तहत बने 27 मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के हॉस्टल विस्तार के लिए 50 करोड़ (5,000 लाख) रुपये आवंटित किए गए हैं. साथ ही, इन्हीं कॉलेजों से संबद्ध 300 बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए भी अलग से 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
8. चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार के अवसर
बजट में किए गए इन प्रावधानों से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि नए मेडिकल कॉलेजों और ट्रामा सेंटरों के खुलने से स्थानीय स्तर पर हजारों की संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स और अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
बजट 2026-27 के आंकड़ों से साफ है कि योगी सरकार का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर है. 'इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई न जाना पड़े', इसी सोच के साथ प्रदेश के हर कोने में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया गया है.
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