UP Budget 2026: यूपी में फ्री एजुकेशन से लेकर इन नई यूनिवर्सिटी तक... जानिए शिक्षा को लेकर क्या-क्या मिला

UP Budget 2026 योगी सरकार का बजट 2026-27: शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश। 5 नई यूनिवर्सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, और शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज. जानें बेसिक से तकनीकी शिक्षा तक का पूरा ब्यौरा.

Yogi Govt Education Budget Analysis

यूपी तक

• 10:22 PM • 11 Feb 2026

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 'नया उत्तर प्रदेश' बनाने की नींव रख दी है. इस बार के बजट में शिक्षा, ज्ञान और कौशल विकास को विकास की धुरी बनाया गया है. बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक, सरकार ने बजट में भारी बढ़ोतरी की है. इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यूपी सरकार ने छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों के लिए अपने पिटारे से क्या-क्या निकाला है.

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1. बेसिक शिक्षा: 77,622 करोड़ का भारी-भरकम निवेश 

सरकार ने बेसिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 77,622 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को फ्री यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे और स्टेशनरी के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में 2-2 मॉडल स्कूल मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जाएंगे. आवासीय बालिका विद्यालयों के विस्तार के लिए 580 करोड़ रुपये दिए गए हैं. परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होगी, जिसके लिए 358 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है. स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए 'स्मार्ट स्कूल योजना' में 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

2. माध्यमिक शिक्षा: सैनिक स्कूल और छात्राओं के लिए 300 करोड़

माध्यमिक शिक्षा का बजट पिछले साल से 15% बढ़ाकर 22,167 करोड़ रुपये कर दिया गया है. गोरखपुर में प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल का संचालन शुरू हो गया है. छात्राओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान है. अशासकीय माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी 89.25 करोड़ रुपये की कैशलेस चिकित्सा योजना लाई गई है. संस्कृत पाठशालाओं के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं. स्कूलों में स्किल क्लस्टर बनाने के लिए 150 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. 

3. उच्च शिक्षा: 5 नई यूनिवर्सिटी और रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना

उच्च शिक्षा के बजट में 7% की वृद्धि के साथ 6,591 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मेधावी छात्राओं के लिए 400 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन किया गया है.

5 नई यूनिवर्सिटी को ये सब मिला

मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर (50 करोड़)
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद (50 करोड़)
मां पटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर (50 करोड़) 
स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय, शाहजहांपुर (21 करोड़) 
काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही (21 करोड़)

AI सर्टिफिकेशन: छात्रों को अंतरराष्ट्रीय एआई (AI) सर्टिफिकेट दिलाने के लिए फीस प्रतिपूर्ति हेतु 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत मेधावी छात्रों के एजुकेशन लोन पर सरकार ब्याज सब्सिडी देगी.

4. तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा: 88% की ऐतिहासिक वृद्धि

कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर सरकार का विशेष जोर है. प्राविधिक शिक्षा बजट में 72% की बढ़ोतरी कर 2,365 करोड़ रुपये किए गए हैं. टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है. फेज-2 के लिए 62 आईटीआई का चयन हुआ है.  कौशल विकास मिशन के लिए 1,000 करोड़ रुपये और प्रोजेक्ट प्रवीण के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है. राजकीय पॉलिटेक्निकों में नवीन टेक्नोलॉजी के लिए 714 करोड़ रुपये से एक्सीलेंस सेंटर बनेंगे. 

योगी सरकार का यह बजट स्पष्ट करता है कि प्रदेश अब 'आत्मनिर्भर युवाओं' की फौज खड़ी करना चाहता है. जहां एक ओर बुनियादी शिक्षा को मुफ्त और सुलभ बनाया गया है, वहीं उच्च शिक्षा में नए विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा में भारी निवेश के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की कोशिश की गई है.