Prashant Kumar Singh Resignation: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में एक और बड़े इस्तीफे ने खलबली मचा दी है. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के बाद अब अयोध्या संभाग के राज्यकर विभाग (GST) में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. खास बात यह है कि उन्होंने यह इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में और शंकराचार्य द्वारा उन पर की गई टिप्पणी के विरोध में दिया है.
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फूट-फूट कर रोए डिप्टी कमिश्नर, वीडियो हुआ वायरल
इस बीच प्रशांत कुमार सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे रोते हुए कह रहे है कि, 'मैंने इस्तीफा दे दिया है... मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ. जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं बहुत पीड़ा में था.' उन्होंने बताया कि वे पिछले दो रातों से सोए नहीं थे और उनकी दो छोटी बेटियां हैं. पत्नी से बात करते समय उनका गला रूंध गया और वे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके.
यहां नीचे देखिए उनका रोते हुए वीडियो
इस्तीफे की वजह: 'शंकराचार्य का बयान और मुख्यमंत्री का अपमान'
प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को ईमेल के माध्यम से भेजा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी से पिछले तीन दिनों से गहरे मानसिक तनाव और आहत महसूस कर रहे थे. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रदेश के मुखिया हैं और उनका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. जिस प्रदेश का मैं नमक खाता हूँ, जहाँ से मुझे वेतन मिलता है, मैं उसी प्रदेश और उसके नेतृत्व का पक्षधर हूं.'
कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह?
प्रशांत कुमार सिंह 2023 से अयोध्या संभाग में राज्यकर विभाग के संभागीय उप आयुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के पद पर कार्यरत थे. वे एक कर्मठ अधिकारी माने जाते रहे हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की है कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वे अपने निजी संसाधनों से समाज सेवा का कार्य करेंगे. प्रशांत कुमार सिंह ने साफ किया कि उन पर किसी का कोई दबाव नहीं था. यह उनका अपना स्वाभिमान और विचारों के आधार पर लिया गया फैसला है.
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
एक ओर जहां बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे ने शासन को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं अयोध्या के इस डिप्टी कमिश्नर के इस्तीफे ने मुख्यमंत्री के प्रति अधिकारियों की निष्ठा और प्रशासनिक संवेदनशीलता को एक नई चर्चा का केंद्र बना दिया है. यूपी में एक के बाद एक अधिकारियों के इस तरह पद छोड़ने से शासन की कार्यप्रणाली और वैचारिक मतभेदों पर बहस छिड़ गई है.
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