अंजना को वापस मिल गया दबंगों के कब्जे वाला घर और जला लिए दीप... ये एक्शन बना मिसाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेजर की बेटी अंजना को 24 घंटे में वापस मिला उनका मकान. फर्जी दस्तावेज से कब्जा करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार. अंजना ने कहा- 'थैंक्यू योगी अंकल.'

Photo: Anjana

यूपी तक

02 Jan 2026 (अपडेटेड: 02 Jan 2026, 03:12 PM)

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UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद चंदौली की अंजना के जीवन में फिर से रौशनी लौट आई है. दबंगों के कब्जे से अपना घर वापस पाने के बाद अंजना ने विधिवत गृह प्रवेश किया. घर में दीपक जलाए और सबसे पहले उस नेम प्लेट को तोड़कर हटाया जो आरोपियों ने जबरन वहां लगा दी थी. 

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पुलिस और सेना के अधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार को अंजना जैसे ही घर के भीतर पहुंचीं, उनके आंख से आंसू छलक पड़े. वे हर कमरे में गईं, वहां की दीवारों को चूमा. फिर बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प रखकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया. पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वे रोने लगीं और बचपन के संस्मरण भी सुनाने लगीं. उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए आभार निकला. उन्होंने कहा 'योगी अंकल महान हैं. उन्होंने हमारी सहायता की. थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू.' 

यहां देखें अंजना का इमोशनल वीडियो:

बता दें कि अंजना को सीजोफ्रेनिया नामक बीमारी है. रिहैब सेंटर में रह रहीं अंजना बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलीं थीं तो उन्होंने बताया था कि चंदौली के बलराम यादव और मनोज यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है. सीएम से उन्हें 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा मिला और गुरुवार को दोपहर से पहले ही उन्हें जब अपने मंकान पर कब्जा मिला तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.

अंजना के पिता थे सेना में मेजर

अंजना के पिता बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे. उनका चंदौली के इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है. उनका निधन 1994 में हो गया था. मेजर भट्ट के एक बेटे और दो बेटियां थीं. उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है. सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं. यह देख बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और उन्हें प्रताड़ित करने लगे. सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया. वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ. वे तब से वहीं रह रही हैं. 

बलवंत यादव ने किया था मकान पर कब्जा

इस बीच बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे मकान को अपने नाम करा लिया. यह खबर जब अंजना को मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का आग्रह किया. 31 दिसंबर (बुधवार शाम) मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और सैनिक की बेटी की पीड़ा को ध्यान से सुना. पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया है. मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है. उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया. जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी परेशानी सुनाई. सीएम से मिले निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम हरकत में आई. 24 घंटे के भीतर जांच कर उन्हें कब्जा दिलाया गया. 

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