भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह ने राजनीति के मैदान में एक बार फिर हुंकार भरी है. यूपी Tak के साथ एक खास पॉडकास्ट में बृजभूषण ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव में जरूर उतरेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें जनता ने नहीं बल्कि एक षड्यंत्र ने सदन से बाहर किया है और वह अपनी इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए चुनावी मैदान में वापसी करेंगे.
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'अमित शाह के सामने 2014 में ही मांग लिया था रिटायरमेंट'
इंटरव्यू के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वह 2014 में ही राजनीति से संन्यास लेना चाहते थे. उन्होंने कहा कि मैंने गृह मंत्री अमित शाह (तब पार्टी के बड़े नेता) के सामने रिटायरमेंट की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा कि आपको लड़ना पड़ेगा. बृजभूषण के मुताबिक, उन्होंने अपने बेटे प्रतीक भूषण को चुनाव लड़ाने की बात कही थी, लेकिन पार्टी के निर्देश पर उन्हें खुद मैदान में उतरना पड़ा.
2029 चुनाव पर क्या है तैयारी?
बृजभूषण ने भावुक होते हुए कहा कि जिस लोकसभा से मैं बेइज्जत होकर निकाला गया हूं, वहां एक बार जरूर जाऊंगा. अगर जिंदा रहा, तो चुनाव जरूर लड़ूंगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीजेपी से लड़ेंगे या निर्दलीय तो उन्होंने कहा कि कोशिश तो होगी कि अपनी पार्टी (बीजेपी) से लड़ूं, लेकिन अगर टिकट नहीं मिला तो अकेले (इंडिपेंडेंट) भी लड़ सकता हूं. मुझे जाना है, यह मैंने तय कर लिया है.
बेटे और खुद के चुनाव लड़ने पर दी सफाई
यह पूछे जाने पर कि क्या वह और उनके बेटे दोनों चुनाव लड़ेंगे बृजभूषण ने कहा कि बेटे का फैसला पार्टी करेगी लेकिन उन्होंने अपना फैसला खुद कर लिया है. उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी उन्हें टिकट देगी क्योंकि पार्टी को उनसे कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. बृजभूषण ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि वह चुनावी हार के कारण बाहर नहीं हुए हैं बल्कि उनके खिलाफ साजिश रची गई थी. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल को पूरा नहीं होने दिया गया, जिसका घाव वह चुनाव लड़कर ही भरेंगे.
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